ईरान ने भारत को आश्वस्त किया है कि होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को लेकर चिंता की कोई जरूरत नहीं है. गुरुवार को ईरान ने भरोसा दिया कि होर्मुज में गुजर रहे जहाज सुरक्षित हाथों में हैं इसलिए भारत को बेफिक्र रहना चाहिए.
28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुरू हुआ था जिसके जवाब में ईरान ने वैश्विक व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. यह रास्ता गैस और तेल सप्लाई के लिए अहम है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. होर्मुज का रास्ता बंद होने से तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में ईरान ने भारत, चीन, रूस जैसे कुछ दोस्त देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर ईरान को लगातार धमकी दे रहे हैं. उनकी धमकियों के बीच दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट किया जिसके कहा गया कि होर्मुज का भविष्य वही देश तय करेंगे जिसके हिस्से में वो आता है यानी ईरान और ओमान.
दूतावास ने लिखा, 'होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य केवल ईरान और ओमान ही तय करेंगे. आप सुरक्षित हाथों में हैं, घबराइए नहीं.'
इस पोस्ट को रीट्वीट करते हुए भारत में ईरान दूतावास ने लिखा, 'हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है.'
होर्मुज से सिर्फ मित्र देश के जहाजों को गुजरने की इजाजत
पिछले हफ्ते ईरान ने कहा था कि वो मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की इजाजत दे रहा है. उसके 'मित्र' देशों में भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल हैं.
हाल के दिनों में ईरान मलेशिया के जहाजों के लिए भी होर्मुज स्ट्रेट से रास्ता दे रहा है. इसी हफ्ते बांग्लादेश के तेल और गैस जहाजों ने भी होर्मुज पार किया है. क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने के बावजूद ईरान इस युद्धग्रस्त समुद्री रास्ते से आवाजाही की इजाजत दे रहा है.
हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि वो अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों से जुड़े जहाजों को होर्मुज पार करने नहीं देगा.
ईरान ने भारत को ऐसे समय में होर्मुज को लेकर आश्वासन दिया है जब भारत ने ईरान के साथ ऊर्जा सहयोग फिर से बढ़ाया है.
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2018 के बाद पहली बार ईरान से एलपीजी की खेप खरीदी है. 2019 में पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद यह आयात बंद हो गया था. ईरान से भारत का आयात भी होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ही आता है.
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