मोजतबा को चुना गया ईरान का नया सुप्रीम लीडर, जानें कहां दफनाए जाएंगे खामेनेई

अमेरिका और इजरायल हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश को अगला सुप्रीम लीडर चुना गया है. ईरान की शक्तिशाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा के नाम पर मुहर लगा दी है.

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अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई बने ईरान के सुप्रीम लीडर (Photo-ITG) अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई बने ईरान के सुप्रीम लीडर (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:38 AM IST

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश के नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति खत्म होती नजर आ रही है. ईरान इंटरनेशनल को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान एक्सपर्ट्स की असेंबली ने क्रांतिकारी गार्डों के दबाव में अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगले सर्वोच्च नेता के रूप में चुना है.

36 साल बाद बदली सत्ता की कमान

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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का 86 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने 1989 से लेकर अब तक 36 सालों तक देश की कमान संभाली. उनकी मृत्यु अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के दौरान हुई, जिसकी जानकारी सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी. बाद में ईरानी शासन की ओर से भी आधिकारिक पुष्टि कर दी गई. उनके निधन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि आखिर उनका उत्तराधिकारी कौन होगा.

ईरान के संविधान के मुताबिक, नए सुप्रीम लीडर का चुनाव Assembly of Experts द्वारा किया जाता है. यह एक शक्तिशाली धार्मिक निकाय है, जिसे देश के सर्वोच्च नेता को चुनने और उनकी निगरानी का अधिकार है.

IRGC के दबाव में मोजतबा को बनाया

सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि असेंबली ने खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है. हालांकि, यह फैसला कथित तौर पर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के दबाव में लिया गया है.

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IRGC ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य और रणनीतिक संस्था मानी जाती है, जिसका देश की राजनीति और सुरक्षा ढांचे पर गहरा प्रभाव है. रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए नेतृत्व के मुद्दे पर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाया गया.

मोजतबा खामेनेई लंबे समय से सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली माने जाते रहे हैं और सुरक्षा प्रतिष्ठान के साथ उनके करीबी रिश्तों की चर्चा होती रही है. हालांकि, उन्हें औपचारिक रूप से किसी बड़े संवैधानिक पद पर पहले नहीं देखा गया।

मशहद में होगा खामेनेई का अंतिम संस्कार

वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा. उनके पिता की कब्र भी मशहद स्थित इमाम रज़ा तीर्थस्थल में है. हालांकि अंतिम संस्कार की तारीख का अब तक खुलासा नहीं किया गया है.

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