ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में बुशहर न्यूक्लियर प्लांट स्थित है. इसपर अमेरिका और इजरायल ने हमला कर दिया है. यह ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 750 किलोमीटर दूर है इस हमले में अब तक एक शख्स की जान चली गई है. अमेरिका-इजरायल ने बीते कुछ दिनों से ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमलों में तेजी लाई है. प्लांट पर हमले से ईरान भड़क गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक बड़ा बयान दिया है.
बुशहर न्यूक्लियर प्लांट में रूस का यूरेनियम इस्तेमाल होता है और रूसी तकनीशियन वहां काम करते हैं. यह प्लांट ईरान को करीब 1000 मेगावाट बिजली देता है. इस पर हमला में मतलब ईरान में बड़े स्तर पर ऊर्जा संकट का खतरा तेजी से मंडरा सकता है.
ईरान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने अब तक बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर चार बार हमला किया है.
उन्होंने कहा कि अगर यह हमले जारी रहे तो इस प्लांट से निकलने वाला रेडिएशन तेहरान नहीं बल्कि खाड़ी के देशों के शहरों में पहुंचेगा. यानी सऊदी अरब, UAE, कुवैत, बहरीन जैसे देशों के शहर तबाह होंगे. उनका कहना था कि हवा का रुख ऐसा है कि खतरा ईरान को नहीं, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों को होगा.
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साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल यानी तेल से जुड़े कारखानों पर भी हमले हो रहे हैं. इससे साफ है कि दुश्मन सिर्फ हथियार नहीं तोड़ना चाहता, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर भी तोड़ना चाहता है.
अराघची ने पश्चिमी देशों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका इन हमलों पर चुप हैं, जबकि यह बेहद खतरनाक है.
ईरान क्या संदेश देना चाहता है?
ईरान की यह चेतावनी सीधे खाड़ी देशों को डराने के लिए है जो अमेरिका के साथ खड़े हैं. ईरान कह रहा है कि अगर हम डूबे तो तुम भी बचोगे नहीं. रेडिएशन की कोई सरहद नहीं होती. वो हवा के साथ जहां चाहे जाए. यह मामला सिर्फ ईरान और अमेरिका का नहीं रहा, पूरे पश्चिम के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है.
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