गोलाबारी के बीच पीछे हटे तेल से भरे दो भारतीय जहाज, होर्मुज पर ईरानी गार्ड की कार्रवाई से बढ़ा तनाव

होर्मुज स्ट्रेट में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान की कार्रवाई के बाद भारतीय जहाजों को भी बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा है, जिससे इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.

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 होर्मुज में भारतीय जहाजों को वापस लौटना पड़ा (Photo: Representational/ PTI) होर्मुज में भारतीय जहाजों को वापस लौटना पड़ा (Photo: Representational/ PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:22 PM IST

होर्मुज की खाड़ी में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दो जहाजों यानि टैंकर पर गोलियां चलाईं. इसके बाद दो भारतीय जहाजों को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा. इनमें से एक भारतीय झंडे वाला बड़ा टैंकर है जिसमें 20 लाख बैरल इराकी तेल भरा हुआ था.

शनिवार को ईरान ने ऐलान किया कि वो खाड़ी पर फिर से सख्त पाबंदियां लगा रहा है. ईरान का कहना था कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों और जहाजों पर नाकेबंदी कर रखी है, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है. इसके कुछ ही देर बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के दो गनबोट यानी हथियारबंद छोटी नावें एक टैंकर के पास आईं और उन पर गोलियां चला दीं.

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उस टैंकर का क्या हुआ?

ब्रिटेन की मिलिट्री के UKMTO यानी यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि जिस टैंकर पर गोलियां चलाई गईं, वो और उसका क्रू यानी जहाज का स्टाफ सुरक्षित है. हालांकि उन्होंने उस जहाज का नाम या वो कहां जा रहा था, यह नहीं बताया. लेकिन ऐसी खबरें हैं कि इसमें एक जहाज भारत का है.

भारतीय जहाजों पर क्या असर पड़ा?

टैंकर ट्रैकर्स नाम की एक वेबसाइट जो समुद्र में जहाजों की लोकेशन ट्रैक करती है, उसने बताया कि दो भारतीय जहाज होर्मुज की खाड़ी से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. गोलीबारी की खबर आते ही दोनों जहाजों ने अपना रास्ता बदला और वापस पलट गए.

इनमें से एक जहाज भारतीय झंडे वाला बहुत बड़ा टैंकर है. इसमें 20 लाख बैरल इराकी तेल भरा हुआ था. यह तेल इराक से खरीदा गया था और किसी और देश को पहुंचाया जाना था, लेकिन अब यह जहाज बीच रास्ते से वापस आ गया.

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अभी स्थिति क्या है?

खाड़ी में फिर से तनाव है. ईरान ने साफ कर दिया है कि बिना उसकी इजाजत के कोई भी जहाज नहीं गुजर सकता. अमेरिका की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. बुधवार 22 अप्रैल को दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म होने वाला है. अगर तब तक कोई समझौता नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं और दुनिया के तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है.

लोग होर्मुज में मालवाहक जहाजों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं (Photo: AP)

होर्मुज की खाड़ी है क्या?

होर्मुज की खाड़ी एक बहुत संकरा समुद्री रास्ता है. यह फारस की खाड़ी को बाकी दुनिया से जोड़ता है. दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल इसी रास्ते से गुजरता है. अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो दुनिया में तेल की सप्लाई बुरी तरह टूट जाती है और कीमतें बहुत तेजी से बढ़ सकती हैं.

यह भी पढ़ें: ईरान का यू-टर्न: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फिर किया बंद, ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा तनाव

पिछले सात हफ्तों से क्या चल रहा था?

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए थे. इस जंग की वजह से ईरान ने होर्मुज की खाड़ी पर अपना सैनिक कंट्रोल बढ़ा दिया था. ईरान सिर्फ उन्हीं जहाजों को गुजरने देता था जिन्हें वो खुद इजाजत देता था. बाकी सब जहाजों की आवाजाही बंद थी.

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