'ला ला लैंड में जी रहा पाकिस्तान...', UN के मंच से भारत का संदेश, अवैध कब्जा खत्म करने की मांग

समय-समय पर भारत पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच से एक्सपोज करता रहता है. एक बार फिर से भारत ने पाक को UNHRC के मंच से उसके द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों को खारिज किया है. भारत ने बताया कि जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताया, जिसका विलय 1947 के इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध है.

Advertisement
UN मंच से भारत का संदेश - आतंकवाद से क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश नाकाम (Photo: X/@PTI) UN मंच से भारत का संदेश - आतंकवाद से क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश नाकाम (Photo: X/@PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अंतरराष्ट्रीय मंच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 55वें नियमित सत्र के दौरान भारत ने पाकिस्तान को उसकी औक़ात दिखा दी है. भारत ने राइट ऑफ रिप्लाइ का इस्तेमाल करते हुए बताया कि पाकिस्तान का प्रचार झूठा और बेबुनियाद है. जम्मू कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह कानूनी और अपरिवर्तनीय है. 

भारत की ओर से प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने राइट ऑफ रिप्लाई का उपयोग करते हुए साफ़ तौर से कहा कि पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और अस्वीकार्य है.

Advertisement

भारत ने यह भी कहा कि OIC ने पाकिस्तान के राजनीतिक प्रचार को दोहराना शुरू कर दिया है, जो कि संगठन की सदस्यता के अनुरूप नहीं है. पाकिस्तान के लगातार प्रचार को भारत ने ईर्ष्या से भरे प्रयास के रूप में देखा. भारत ने जम्मू-कश्मीर को देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र 1947 के इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भारत में कानूनी रूप से विलयित है.

भारत ने यह बयान भी दिया कि इस क्षेत्र से जुड़ा एकमात्र पेंडिंग मुद्दा पाकिस्तान द्वारा किए गए अवैध कब्जे का है. पाकिस्तान को तुरंत अपने कब्जे वाले इलाकों को खाली करना चाहिए. 

यह भी पढ़ें: 'इस बार ऐसा घाव देंगे... ऑपरेशन सिंदूर जारी है', इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान को दी वॉर्निंग

इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तान की डेमोक्रेटिक सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां नागरिक सरकारें अपना टेन्यूर पूरा नहीं कर पातीं, वहां से डेमोक्रेसी के उपदेश देना उचित नहीं है.

Advertisement

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आम और विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान के साथ नागरिकों ने आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को अस्वीकार किया है. भारत ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट, पाकिस्तान के IMF बेलआउट पैकेज से भी अधिक है. आखिर में भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप करने की बजाय अपने आंतरिक संकटों पर ध्यान केंद्रित करे.

इस सत्र में भारत की साफ़ और ठोस प्रतिक्रिया ने एक बार फिर यह साफ़ कर दिया कि देश अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अडिग है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement