स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका की नाकाबंदी लागू होने के बाद पहली बार माल्टा के फ्लैग वाला एक तेल टैंकर इस समुद्री मार्ग से गुजरता हुआ देखा गया है. ग्लोबल शिपिंग ट्रैकिंग एजेंसियों के मुताबिक, इससे संकेत मिल रहा है कि होर्मुज के रास्ते कमर्शियल जहाजों की आवाजाही कुछ हद तक फिर से शुरू हो रही है.
माल्टा के फ्लैग वाला 'Agios Fanourios I' नाम का बहुत बड़ा क्रूड ऑयल टैंकर (Very Large Crude Carrier) बुधवार तड़के फारस की खाड़ी में एंटर हुआ. यह जहाज करीब दो दिन तक ओमान की खाड़ी में लंगर डाले खड़ा था, जिसके बाद इसने फिर से अपनी यात्रा शुरू की.
मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, जहाज ने 14 अप्रैल को अपनी स्थिति 'एंकर' से 'अंडरवे' में बदली, इसके बाद यह होर्मुज को पार कर फारस की खाड़ी में दाखिल हुआ. इस टैंकर के गुरुवार तक इराक के बसरा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है, जो अमेरिकी नाकाबंदी के दायरे में नहीं आता है.
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शांति वार्ता विफल होने के बाद नाकाबंदी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ने ईरान और उसके बंदरगाहों से जुड़े जहाजों के होर्मुज से होकर गुजरने पर पाबंदी लगा दी है. इस नाकाबंदी को लागू करने के लिए अमेरिकी नौसेना के कई युद्धपोत होर्मुज और उसके आसपास मौजूद हैं. अमेरिका ने यह कदम ईरान के साथ इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद उठाया है. हालांकि नाकाबंदी का मकसद केवल ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाना है, लेकिन इसका असर पूरे क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर पड़ा है. इससे टैंकर ऑपरेटरों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है.
होर्मुज दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ऑयल और गैस शिपिंग के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है. यह ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के करीब 20% तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.
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