ईरान के खिलाफ EU का सख्त रुख, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन घोषित किया

यूरोपीय संघ ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. यह फैसला ईरान में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई के बाद लिया गया. EU ने इस कदम को तेहरान के लिए कड़े संदेश के तौर पर पेश किया है.

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यूरोप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी संगठन माना (Photo: AP) यूरोप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी संगठन माना (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:48 PM IST

बीते महीने ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के ख़िलाफ़ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हुआ. ये प्रदर्शन क़रीब 15 से 20 दिनों तक चरम पर चला. इस प्रदर्शन के दौरान पांच हज़ार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आईं थी. मरने वालों प्रदर्शनकारी समेत सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे. ख़ामेनेई शासन के ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारियों के आवाज़ दमन करने के आरोप लगे, जिसकी दुनियाभर के कई मुल्कों ने आलोचना की थी. इसी क्रम में अब यूरोपियन यूनियन ने बड़ा कदम उठाया है. 

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यूरोपीय संघ ने गुरुवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित करने पर सहमति व्यक्त की है. यह फैसला ईरान में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और उन पर सरकारी कार्रवाई के बाद लिया गया है. 

यूरोपीय संघ ने इसे ईरान के लिए एक साफ और कड़ा संदेश माना है, जिससे यह जाहिर होता है कि वह मानवाधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा.

EU के अनुसार, ईरान में नागरिक आंदोलनों के दौरान हुई हिंसा और दमन गंभीर चिंता का विषय है. इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन घोषित करने का राजनीतिक फैसला लिया है. इस कदम का उद्देश्य ईरानी अधिकारियों को चेतावनी देना और उन्हें लोगों के प्रति हिंसा बंद करने के लिए मजबूर करना है.

यह भी पढ़ें: 'ईरान पर हमला बड़ी गलती...', धमकियों के बीच ट्रंप के सामने तनकर खड़ा इस्लामिक वर्ल्ड

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इसके साथ ही, यूरोपीय संघ ने ईरान के खिलाफ नई प्रतिबंधों पर भी सहमति जताई है. इन प्रतिबंधों का सीधे तौर पर संबंध विरोध प्रदर्शनों के दौरान की गई हिंसक कार्रवाई से है. EU का मानना है कि यह कदम लंबे समय से आवश्यक था ताकि ईरान सरकार को अपनी नीतियों में बदलाव के लिए दबाव डाला जा सके.

यूरोपीय संघ ने कहा है कि वह ईरानी जनता के समर्थन में खड़ा है, जो अपनी स्वतंत्रता और बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्षरत है. EU ने ईरान की जनता के इस साहसिक आंदोलन को सराहा है और उसे निरंतर समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई है.

EU के फैसले का ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि ये ज़रूरी कदम अपराधी शासन को एक संदेश देता है कि उसकी कोई ग्लोबल वैधता नहीं है.

यह फैसला ईरान और यूरोपीय संघ के संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है और संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान में मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर सजग और सख्त होता जा रहा है.

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