ट्रंप ने हिलेरी पर लगाया राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप

हिलेरी से जुलाई में हुई पूछताछ के बाबत एफबीआई की ओर से जारी फाइलों में कहा गया, ‘हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि 2013 में विदेश मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका में बदलाव के दौरान उन्हें सरकार से दस्तावेजों की पेशी या संरक्षण के बाबत कोई आदेश या निर्देश प्राप्त नहीं हुआ.’

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प्रचार में हिलेरी से पीछे चल रहे हैं ट्रंप प्रचार में हिलेरी से पीछे चल रहे हैं ट्रंप

अंजलि कर्मकार

  • वॉशिंगटन,
  • 03 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 4:10 PM IST

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने अमेरिकी विदेश मंत्री के तौर पर हिलेरी की ओर से एक निजी ई-मेल सर्वर के ‘अनुचित’ इस्तेमाल के मामले में अपनी छानबीन से जुड़े दस्तावेज जारी किए हैं. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है.

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इस 58 पन्नों के दस्तावेज के मुताबिक, हिलेरी ने लगभग 39 बार को बताया कि उन्हें प्रशिक्षण या गोपनीय सूचना प्रक्रिया के प्रमुख तत्व याद नहीं हैं. दस्तावेजों के मुताबिक, बार-बार पूछे जाने के बावजूद ऐसा लगा कि हिलेरी को निजी सर्वर के अपने इस्तेमाल से जुड़ी सूचनाएं याद नहीं हैं. हिलेरी से जुलाई में हुई पूछताछ के बाबत एफबीआई की ओर से जारी फाइलों में कहा गया, ‘हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि 2013 में विदेश मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका में बदलाव के दौरान उन्हें सरकार से दस्तावेजों की पेशी या संरक्षण के बाबत कोई आदेश या निर्देश प्राप्त नहीं हुआ.’

प्रचार में हिलेरी से पीछे चल रहे हैं ट्रंप
एफबीआई ने यह भी कहा कि हो सकता है कि 68 साल की हिलेरी ने अपने दो ज्ञात फोन नंबरों, जिनसे संभवत: ई-मेल भेजे जाते थे, से जुड़े कुल 13 मोबाइल उपकरणों का इस्तेमाल किया. इस खुलासे के बाद के सिलसिले में जारी प्रचार में हिलेरी से पीछे चल रहे ट्रंप को हिलेरी पर हमले का एक नया मौका मिल गया.

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हिलेरी पर लगे ये आरोप
ट्रंप ने एक बयान में कहा, ‘निजी ई-मेल सर्वर के बारे में एफबीआई को हिलेरी क्लिंटन की ओर से दिए गए जवाब भरोसा तोड़ते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं यह देखकर पूरी तरह चौंक गया था कि एफबीआई को दिए गए उनके जवाब और अमेरिकी जनता को उनकी ओर से बताई गई चीजों में पूरा विरोधाभास था. मैं वाकई नहीं समझ पा रहा हूं कि वह मुकदमे से बच कैसे गईं’ एफबीआई ने प्रशासन के पहले कार्यकाल के दौरान विदेश मंत्री के तौर पर हिलेरी की ओर से एक निजी ई-मेल सर्वर इस्तेमाल किए जाने के मामले की जांच अब बंद कर दी है.

हिलेरी ने दी थी सफाई
मार्च 2015 में हिलेरी ने कहा था कि उन्होंने कभी एक से ज्यादा उपकरण नहीं रखा और वह अपने मोबाइल का इस्तेमाल निजी और काम से जुड़े ई-मेलों के लिए करती थीं. उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा कि मेरे काम और मेरे निजी ई-मेलों के लिए एक ही उपकरण का इस्तेमाल ठीक रहेगा.’ एफबीआई की फाइलों के मुताबिक, जब ने निजी सर्वर के बारे में खुलासा किया था, इसके ‘एक हफ्ते बाद’ हिलेरी ने अपने निजी ई-मेलों को डिलीट कर दिया था.

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