चीन ने ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की पहल का समर्थन किया है. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में कहा, 'हम स्थिति को शांत करने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना करते हैं और उसे अपनी मध्यस्थ भूमिका जारी रखने में समर्थन देते हैं.' उन्होंने यह भी कहा कि चीन, पाकिस्तान और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए काम करने को तैयार है.
माओ की ये टिप्पणी पाकिस्तानी विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि वॉशिंगटन और तेहरान दोनों ने मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर भरोसा जताया है. डार ने दो दिन पहले इस्लामाबाद में तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए हुई बैठक के बाद इस संभावना का जिक्र किया.
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इस बीच पाकिस्तान ने रविवार को घोषणा की कि वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करेगा. हालांकि, वॉशिंगटन और तेहरान की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह वार्ता सीधे होगी या परोक्ष रूप से. बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, जो हाल के संघर्ष के चलते और बढ़ गया है.
पाकिस्तान, जो एक ओर सऊदी अरब और अमेरिका का रणनीतिक साझेदार रहा है और दूसरी ओर ईरान के साथ उसकी भौगोलिक सीमा लगती और धार्मिक-सांस्कृतिक नजदीकियां हैं. वह खुद को एक संतुलित मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. इससे पहले भी पाकिस्तान ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक भूमिका निभाने की कोशिश की है. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को अस्वीकार्य या एकतरफा बताया है. ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत से इनकार किया है और अपनी शर्तों पर जोर दिया है.
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