US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के किन टैरिफ को किया खारिज? जानिए पूरा मामला

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा IEEPA कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर लगभग सभी देशों पर टैक्स लगाना अधिकारों का अतिक्रमण था.

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कोर्ट ने IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराया है. कोर्ट ने IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराया है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:02 AM IST

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए उनके द्वारा इमरजेंसी कानून के तहत लगाए गए टैरिफ को खारिज कर दिया है. 6-3 के फैसले में कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने 1977 के इंरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट यानी IEEPA का इस्तेमाल कर अपनी अधिकार सीमा से आगे बढ़कर कदम उठाया.

IEEPA कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने के बाद व्यापार को नियंत्रित करने की शक्ति देता है, लेकिन पहले कभी इसका इस्तेमाल टैरिफ लगाने के लिए नहीं किया गया था. ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने इस कानून का इस्तेमाल टैरिफ लगाने के लिए किया.

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आइए जानते हैं कि ट्रंप के किन टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है, और दूसरे टैक्स जो आज भी लागू हैं और जिनपर कोर्ट के आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

'लिबरेशन डे' टैरिफ पर रोक

पिछले साल 2 अप्रैल को ट्रंप ने 'लिबरेशन डे' का ऐलान करते हुए दुनिया के लगभग हर देश पर टैरिफ लगा दिए थे. दर्जनों देशों पर 50 प्रतिशत तक 'रेसिप्रोकल' टैरिफ और लगभग सभी पर 10 प्रतिशत बेसलाइन टैक्स लगाया गया. 

ट्रंप का तर्क था कि अमेरिका के व्यापार घाटे की स्थिति राष्ट्रीय आपातकाल जैसी है. हालांकि जिन देशों के साथ अमेरिका का व्यापार सरप्लस में था, उन पर भी टैक्स लगाया गया. दक्षिण कोरिया, जापान और यूरोपीय संघ जैसे बड़े साझेदार इससे प्रभावित हुए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद IEEPA के तहत लगाए गए ये टैरिफ अब अमान्य हो गए हैं.

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कनाडा, मेक्सिको और चीन पर 'ट्रैफिकिंग टैरिफ'

अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ट्रंप ने मेक्सिको, कनाडा और चीन पर भी IEEPA के तहत टैरिफ लगाए. उन्होंने अवैध आप्रवासन और फेंटानिल जैसे ड्रग्स की तस्करी को राष्ट्रीय आपातकाल बताया. कनाडा और मेक्सिको पर 25 से 35 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए गए, जबकि चीन पर फेंटानिल से जुड़े उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू था. ये भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित हुए हैं क्योंकि इनका आधार IEEPA था.

ब्राजील और भारत पर अतिरिक्त टैरिफ

ट्रंप ने ब्राजील पर भी 40 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसे पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे मुकदमे से जोड़ा गया. वहीं भारत पर पहले 25 प्रतिशत 'लिबरेशन डे' टैरिफ और फिर रूसी तेल खरीद के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया, जिससे कुल टैक्स 50 प्रतिशत तक पहुंच गई. हालांकि हाल ही में अमेरिका और भारत के बीच एक ट्रेड फ्रेमवर्क समझौता हुआ, जिसके बाद टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही गई.

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क्या बाकी टैरिफ रहेंगे लागू

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद सभी टैरिफ खत्म नहीं हुए हैं. स्टील, एल्युमिनियम, ऑटो और अन्य सेक्टर-विशिष्ट शुल्क अब भी लागू हैं क्योंकि वे अलग कानूनी प्रावधानों के तहत लगाए गए थे. ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे नए टैरिफ लगाने के लिए अन्य कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं, जिसमें वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत नया टैक्स भी शामिल है.

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