अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को न जाने किन किन विशेषणों से नवाजा. ट्रंप ने मुनीर को कभी 'माई फेवरिट जनरल' कहा तो कभी 'हाइली रिस्पेक्टेड जनरल' बताया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को 'ग्रेट पीपुल' कहा. अमेरिकी राष्ट्रपति से तारीफें सुन सुनकर पाकिस्तानी फूलते रहे. उन्हें लगा कि ट्रंप के रूप में उन्हें एक शक्तिशाली 'डैडी' मिल गया है.
लेकिन 14 जनवरी की रात को अमेरिका ने जो आदेश जारी किया उससे हवा में उड़ रहे पाकिस्तानी जमीन पर आकर गिरे. अमेरिका ने पाकिस्तानियों के अमेरिका एंट्री पर अनिश्चित काल के लिए 'नो एंट्री' का बोर्ड लगा दिया है. इस लिस्ट में 74 और देशों के नागरिक भी शामिल हैं. लेकिन इस लिस्ट में पाकिस्तान का होना पाकिस्तानी सत्ता को चौंका गया है.
पहली नजर में तो ट्रंप की बेरहम दिली उन्हें हजम ही नहीं हो रही है.
अमेरिका ने पाकिस्तान और ईरान समेत 75 देशों के नागरिकों के लिए आप्रवासी वीजा प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है। ट्रंप प्रशासन का यह आदेश 21 जनवरी, 2026 से प्रभावी हो जाएगा. यह डोनाल्ड ट्रंप की दूसरी टर्म में इमिग्रेशन पॉलिसी का एक बड़ा हिस्सा है, जो अमेरिका में लीगल इमिग्रेशन को सख्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है.
अमेरिका में बसने की सोच रहे पाकिस्तानों के मंसूबों पर ये कुठाराघात जैसा है.
अब अमेरिका में नहीं बस पाएंगे पाकिस्तानी
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने इमिग्रेंट वीजा यानी कि परमानेंट रेजिडेंसी या ग्रीन कार्ड जैसे वीजा की प्रोसेसिंग को अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड कर दिया है. यह पॉज 21 जनवरी 2026 से शुरू होने वाला है. इसका असर उन लोगों पर होगा जो इमिग्रेंट वीजा चाहते हैं.
इमिग्रेंट वीजा अमेरिका का वो वीजा है जो विदेशी नागरिकों को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है. इसे प्राप्त करने के बाद व्यक्ति लॉफुल परमानेंट रेजिडेंट (Lawful Permanent Resident) बन जाता है, जिसे आम भाषा में ग्रीन कार्ड होल्डर कहते हैं.
अमेरिकी फैसले के बाद पाकिस्तान समेत 75 देश के नागरिक अमेरिका में स्थायी रूप से नहीं बस पाएंगे.
इमिग्रेंट वीज़ा उस व्यक्ति को जारी किया जाता है जो "संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी रूप से रहना चाहता है"
इमिग्रेंट वीज़ा कैटेगरी में अमेरिकी नागरिक का जीवनसाथी, अमेरिकी नागरिक से शादी करने और अमेरिका में रहने वाला मंगेतर, अमेरिकी नागरिकों और कानूनी स्थायी निवासियों के कुछ परिवार के सदस्य, और कुछ रोज़गार-आधारित इमिग्रेंट शामिल हैं जो ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करके और फिर अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करके अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकते हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप के व्यवहार में आए बदलाव के बाद जो पाकिस्तानी अमेरिकी सपने संजोए थे उनके लिए ये किसी ताकतवर शॉक से कम नहीं है. इस फैसले की वजह से पाकिस्तानी अमेरिका में अपने परिवार के पास नहीं जा सकते हैं, नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं और परमानेंट स्टेट्स नहीं पा सकते हैं.
खास बात यह है कि अमेरिका ने जिन 75 देशों की सूची जारी की है उनमें भारत शामिल नहीं है. यानी अमेरिका भारत को इमिग्रेंट्स वीजा जारी करता रहेगा.
'संबंध अच्छे' थे तो अमेरिका ने पाकिस्तानियों पर प्रतिबंध क्यों लगाया.
अब पाकिस्तान में ये चर्चा हो रही है कि जब पाकिस्तान-अमेरिका के 'संबंध अच्छे' थे तो अमेरिका ने पाकिस्तानियों पर प्रतिबंध क्यों लगाया.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा है कि, "विदेश विभाग उन संभावित प्रवासियों को अयोग्य घोषित करने के लिए अपने अधिकार का प्रयोग करेगा जो संयुक्त राज्य अमेरिका पर बोझ होंगे और अमेरिकी लोगों की उदारता का अनुचित लाभ उठाएंगे."
हालांकि अमेरिका का यह नया प्रतिबंध गैर-आप्रवासी, अस्थायी पर्यटक और व्यावसायिक वीजा पर लागू नहीं होगा.
पाकिस्तान ने कहा- कार्रवाई अभूतपूर्व
पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय अमेरिकी सरकार के इस फैसले से हतप्रभ है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि, “हम और ज़्यादा जानकारी हासिल करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं. यह एक नई खबर है जिस पर हम नज़र रख रहे हैं."
“हम समझते हैं कि यह अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों और सिस्टम की समीक्षा की एक अंदरूनी प्रक्रिया है, और उम्मीद है कि इमिग्रेंट वीज़ा की रूटीन प्रोसेसिंग जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगी.”
पाकिस्तान के अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वीजा प्रोसेसिंग सस्पेंशन से हर साल US वीजा चाहने वाले हज़ारों पाकिस्तानियों की यात्रा, पढ़ाई और काम की योजनाओं में देरी हो सकती है. उम्मीद है कि US में पाकिस्तानी दूतावास आने वाले दिनों में प्रभावित आवेदकों को गाइडेंस देंगे.
रिपोर्ट के अनुसार यह रोक US के पब्लिक-चार्ज नियम से जुड़ी है, जो यह देखता है कि क्या अप्रवासी सरकारी मदद पर निर्भर रहेंगे. हालांकि पहले भी वीज़ा सेवाओं को सस्पेंड किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने इस कार्रवाई के दायरे को अभूतपूर्व बताया है.
X पर एक पोस्ट में व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन 75 देशों से इमिग्रेंट वीज़ा प्रोसेसिंग को तब तक रोक देगा जब तक अमेरिका यह पक्का नहीं कर लेता कि आने वाले इमिग्रेंट पब्लिक चार्ज यानी कि अमेरिकी पैसे पर गुजारा नहीं करेंगे.
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