इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले अमेरिका को भी अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है. व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने कहा है कि एशिया से अमेरिका को होने वाले तेल निर्यात में कमी आ सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है. उन्होंने संकेत दिया कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण एशियाई देश अपने निर्यात को सीमित कर सकते हैं.
हालांकि, हैसेट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है और ईरान से जुड़े मौजूदा संकट का इस पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त ऊर्जा संसाधन हैं और स्थिति नियंत्रण में है. केविन हैसेट यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान मुद्दे पर अपने स्टैंड से पीछे हटने वाले नहीं हैं और समाधान मिलने तक अपनी रणनीति जारी रखेंगे.
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हैसेट ने ईरान युद्ध को लेकर उम्मीद जताई कि हालात जल्द सुधरेंगे और तनाव कम होगा. उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध लंबा नहीं चलेगा और आने वाले कुछ हफ्तों में स्थिति सामान्य हो सकती है. व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार ने यह भी बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अब धीरे-धीरे तेल टैंकरों की आवाजाही फिर शुरू हो रही है, जो वैश्विक सप्लाई के लिए सकारात्मक संकेत है. हैसेट ने चीन और अमेरिका के हितों को भी इस मुद्दे पर समान बताया.
उन्होंने कहा कि दोनों देश वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता चाहते हैं, इसलिए इस दिशा में सहयोग की संभावना है. हैसेट ने उम्मीद जताई कि चीन इस स्थिति में अमेरिका के प्रयासों की सराहना करेगा. उन्होंने कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए अमेरिका लगातार नए विकल्प तलाश रहा है. वेनेजुएला में फर्टिलाइजर का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए लाइसेंस दिए गए हैं और मोरक्को के साथ भी बातचीत की गई है.
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