मिडिल ईस्ट में छिड़ने वाला है महायुद्ध? ट्रंप की धमकियों के बीच अब पलटवार को तैयार ईरान

ईरान के करीब अमेरिकी युद्धपोत और लड़ाकू विमानों की तैनाती हो चुकी हैं. डिफेंस एक्सपर्ट अमेरिकी सेना की तैनाती को ईरान पर सैन्य एक्शन से जोड़कर देख रहे हैं. वहीं ईरान ने भी जमीन, हवा और समुद्र... तीनों मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई की व्यापक रणनीति तैयार कर ली है.

Advertisement
ईरान को लेकर ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है, इस पर दुनिया की नजरें हैं (Photo- ITG) ईरान को लेकर ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है, इस पर दुनिया की नजरें हैं (Photo- ITG)

आजतक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:52 PM IST

मिडिल ईस्ट के आसमान पर एक बार फिर युद्ध के काले बादल गहरा गए हैं. सुपरपावर अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच तनाव अब उस चरम बिंदु पर पहुंच चुका है, जहां से वापसी का रास्ता केवल विध्वंसक युद्ध की ओर जाता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मिल रही कड़क चेतावनियों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की फौज ने न केवल आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है, बल्कि अपनी मिसाइलों का टारगेट भी लॉक कर दिया है.

Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताजा बयान में कहा है कि इस समय ईरान की ओर एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा रवाना हो गया है. यह बेड़ा वेनेजुएला के लिए भेजे गए बेड़े से भी बड़ा है. ट्रंप ने कहा कि ईरान को डील करनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो आगे की स्थिति देखी जाएगी.

ईरान के करीब अमेरिकी युद्धपोत और लड़ाकू विमानों की तैनाती हो चुकी हैं. डिफेंस एक्सपर्ट अमेरिकी सेना की तैनाती को ईरान पर सैन्य एक्शन से जोड़कर देख रहे हैं. अमेरिकी मीडिया में छपी रिपोर्ट्स में यही दावा किया गया है कि ईरान पर किसी भी वक्त हमला हो सकता है. ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर अमेरिका की ब्रिटेन, फ्रांस, इजरायल और मिडिल ईस्ट के चार मुल्कों के साथ बातचीत हो चुकी है. अमेरिका ने हमले का ब्लूप्रिंट सहयोगी देशों को सौंप दिया हैं. 

Advertisement

ईरान भी पलटवार की तैयारी में

वहीं सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने जमीन, हवा और समुद्र... तीनों मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई की व्यापक रणनीति तैयार कर ली है. ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने मिसाइलों, ड्रोन और नौसैनिक ताकत की तैनाती तेज कर दी है. ईरानी नेतृत्व का दावा है कि उसकी उंगली ट्रिगर पर है और अमेरिकी हमले की स्थिति में पलटवार तय है.

बढ़ते टकराव के बीच ईरान की कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी अचानक मॉस्को पहुंचे हैं, जबकि विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्तानबुल में मौजूद हैं. जानकारों का मानना है कि यह दौरों की टाइमिंग संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद वैश्विक शक्तियों को संदेश देना और संभावित सैन्य टकराव से पहले कूटनीतिक समर्थन या संतुलन साधना है.

ट्रंप की सेना ईरान पर हमले को तैयार? 

ईरान को लेकर ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है, ट्रंप का अगला कदम क्या होगा? इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. कारण, ट्रंप के एक फैसले से ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी वक्त युद्ध शुरू हो सकता है. दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अमेरिका ने ईरान को जिस तरह से चारों तरफ से घेर रखा है, उससे यही संकेत मिल रहे हैं कि कुछ बड़ा होने वाला है. 

Advertisement

पहला संकेत ये है कि इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान, जिस तरह से अमेरिका ने अपने जंगी बेड़े की तैनाती मिडिल ईस्ट में की थी, ठीक वैसे ही एक बार फिर अमेरिकी सेना ईरान के करीब पहुंच चुकी हैं. युद्धपोत की तैनाती के बीच अमेरिका ने बीते साल बी-2 बॉम्बर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर विध्वंसक हमला किया था. 

दूसरा संकेत है कि ट्रंप के ऑर्डर पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में 'ऑपरेशन मादुरो' को अंजाम दिया. ऑपरेशन से ठीक पहले अमेरिकी ने अपने युद्धपोत और जंगी बेड़े को वेनेजुएला के करीब तैनात दिए थे. पहले अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला को घेरा और फिर वेनेजुएला में घुसकर मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया. एक बार फिर ऐसा ही घेरा ईरान के आस-पास अमेरिकी सेना ने तैयार किया है. 

तीसरा संकेत ये है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को खुल्लम-खुल्ला युद्ध की धमकी दे चुकी हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री का बयान भी ईरान पर सैन्य एक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है. अगर ईरान के आसपास अमेरिकी सेना के घेरे को देखें तो तैयारी युद्ध की है. मतलब अमेरिकी सेना को ट्रंप के आदेश का इंतजार है. 

अमेरिकी सेना को ट्रंप के एक आदेश का इंतजार

ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ताजा बयान की टाइमिंग को देखें तो मतलब बड़ा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है अगर ईरान के सुप्रीम लीडर सरेंडर करते हैं तभी अमेरिका रुकेगा. लेकिन ईरान का रुख अमेरिका के सामने झुकने का नहीं बल्कि आरपार की जंग लड़ने का है. मतलब यही है कि ट्रंप की चेतावनी ईरान के लिए काफी नहीं है. लिहाजा अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान पर सैन्य एक्शन का रोडमैप समझा दिया. 

Advertisement

रक्षा मंत्री ने खुल्लम खुल्ला ऐलान कर दिया है. इधर ट्रंप का आदेश आएगा, उधर ईरान पर सैन्य एक्शन शुरू हो हो जाएगा. ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने पूरी तैयारी कर ली है. अमेरिकी सेना के पूर्व सैन्य अफसर का दावा है कि ईरान पर सैन्य एक्शन की तारीख, ईरान के ठिकाने, ट्रंप तय कर चुके हैं.

अमेरिका ने ईरान को चारों ओर से घेरा

अमेरिकी हवाई और नौसेना बलों द्वारा ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC), बसीज यूनिट के सैन्य ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च व स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं. अमेरिका ने रणनीतिक रूप से ईरान को चारों ओर से घेर लिया है और हाल ही में उसका एक और डिस्ट्रॉयर युद्धपोत मध्य-पूर्व पहुंच चुका है. क्षेत्र में अमेरिका के 30 से 40 हजार सैनिक पहले से ही अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर तैनात हैं. 

सीरिया, कुवैत, ओमान, यूएई, बहरीन, सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, इराक और तुर्किए में फैले अमेरिकी सैन्य अड्डे इस घेरे को और मजबूत करते हैं, जबकि कतर में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना मौजूद है. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान को भेजी गई शर्तें अगर नहीं मानी गईं, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है.

Advertisement

अमेरिका ने जॉर्डन में 12 हमलावर फाइटर जेट लाल सागर में, एक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर फारस की खाड़ी में, तीन लड़ाकू युद्धपोत ओमान की खाड़ी में, दो डिस्ट्रॉयर युद्धपोत और अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर, जिसके साथ तीन डिस्ट्रॉयर अलग से हैं, तैनात कर दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते के लिए बातचीत करने का समय तेजी से ख़त्म हो रहा है. 

अमेरिका ने ईरान के सामने रखीं तीन शर्तें

अभी तक अमेरिका, ओमान के जरिए ईरान के संपर्क में था. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शासकों को तीन शर्तें भेजीं. उसके साथ-साथ ये मैसेज भी भेजा कि अगर ईरान इन शर्तों को मानने से इनकार करता है, तो उसपर हमले शुरु हो जाएंगे. इनमें पहली शर्त है कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह से छोड़े और अपनी यूरेनियन एनरिचमेंट क्षमताओं को खत्म कर दे. उसके पास जितना बम बनाने लायक यूरेनियम है, वो अमेरिका को सौंप दे. दूसरी शर्त ये है कि ईरान तत्काल मिडिल ईस्ट में मौजूद अपने मिलिशिया, जैसे हमास, हूती विद्रोही और लेबनान के हिज्बुल्लाह को समर्थन देना बंद करे. तीसरी शर्त है कि ईरान अपने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को बंद करे. और ये तीनों शर्तें ऐसी हैं, जिसे ईरान किसी भी हाल में मान नहीं सकता है. 

Advertisement

अगर ट्रंप ईरान पर हमले का ऑर्डर देते हैं, तो किस तरह से ईरान पर हमले होंगे? वो भी जान लीजिए. रिपोर्ट्स के आधार पर संभावित टारगेट तीन हिस्सों में बंटे हैं. पहला- न्यूक्लियर साइट्स जैसे फोर्डो, नटांज और इस्फाहान फिर से निशाने पर हो सकते हैं. दूसरा- टार्गेट सैन्य नेतृत्व यानी ईरान के टॉप कमांडर्स, खासकर IRGC से जुड़े अधिकारी और आंतरिक सुरक्षा बल शामिल हो सकते हैं. तीसरा- रणनीतिक ठिकाने हैं जो बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रियां, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य बेस हैं. इसके अलावा साइबर अटैक और कोवर्ट ऑपरेशंस भी विकल्प के तौर पर रखे गए हैं.

अमेरिका ने 2025 में ईरान के परमाणु ठिकानों पर B-2 बॉम्बर से हमला किया था. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अपने सैनिकों को भेजने के बजाए दूर से हमले का विकल्प चुनेगा. इनमें एक विकल्प टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से हमला है. इस मिसाइल को अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बियों और युद्धपोतों से लॉन्च किया जा सकता है जो ईरानी तटों से बहुत दूर तैनात हैं. इससे अमेरिकी नौसैनिकों को खतरा भी कम होगा. 

दूसरा विकल्प है, जॉइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल यानी JASSM से हमला. इस मिसाइल में 1,000 पाउंड का कवचभेदी वॉरहेड होता है. इसकी रेंज 620 मील यानी 1,000 किलोमीटर है. JASSM को कई तरह के लड़ाकू विमानों से फायर किया जा सकता है, जिसमें F-15, F-16, और F-35 फाइटर जेट और B-1, B-2, और B-52 बॉम्बर शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के F/A-18 जेट से भी इसे दागा जा सकता है.

Advertisement

अमेरिका ईरान पर ड्रोन से भी हमले का विकल्प आजमा सकता है. ये अमेरिकी लड़ाकू विमानों के पायलटों के लिए जोखिम को कम कर सकते हैं. साथ में अमेरिका के लिए निगरानी का काम भी कर सकते हैं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement