US Israel Iran War News Live Updates:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह दावा करने के बाद कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया है, अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी. दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर को उन्होंने नहीं गिराया. साथ ही दावा किया गया है कि अमेरिका इस घटना का बहाना बनाकर ईरान पर हमले कर रहा है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है तथा शांति वार्ता की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर अमेरिका पर दक्षिणी ईरान में "क्रूर हमले" करने का आरोप लगाया है. तेहरान का कहना है कि अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने को आधार बनाकर ये हमले किए. ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का "गंभीर उल्लंघन" बताया है.
बयान में कहा गया है कि ईरानी सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य संपत्तियों को निशाना बनाया. ईरान ने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी है कि वे अपने क्षेत्र का इस्तेमाल अमेरिका या इजरायल को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए न करने दें. तेहरान ने कहा कि यदि आक्रामक कार्रवाई जारी रहती है तो वह हमलों के स्रोत और उन्हें समर्थन देने वाले ठिकानों को भी निशाना बनाएगा. ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासचिव से मांग की है कि वे "आक्रामक देशों" को जवाबदेह ठहराएं. विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई को "अपराधी" और "युद्ध भड़काने वाली" करार दिया है.
ईरान और इजरायल के बीच हमलों के एक दिन बाद तेहरान के लोगों ने युद्ध को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. 75 वर्षीय तेहरान निवासी अहमद दावरज़ानी ने कहा, "संघर्षविराम (सीजफायर) से पहले लोगों में काफी तनाव था. कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ. मैं खुद एक व्यापारी हूं और कल बाजार लगभग खाली था. यह बेहद अप्रत्याशित स्थिति थी. हालांकि संघर्षविराम की घोषणा के बाद आज लोगों की चिंता कुछ कम हुई है और जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है."
अहमद दावरज़ानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते के करीब हैं. उन्होंने कहा, "यह बात उन्होंने कही है, लेकिन उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता."
ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने झूठे बहाने बनाकर जास्क, सीरिक और केश्म में कई स्थानों को निशाना बनाया. आईआरजीसी के मुताबिक, हमलों में सीरिक में एक टेलीकम्युनिकेशन टावर को नुकसान पहुंचा है जबकि शहर के दो पानी के टैंक भी नष्ट हो गए. इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है. ईरानी सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी "आक्रामकता" जारी रही तो उसका जवाब और बड़ा होगा.
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई पूरी कर ली है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह अभियान सेल्फ डिफेंस में की गई सैन्य कार्रवाई थी. जिसे 9 जून को राष्ट्रपति के आदेश अंजाम दिया गया था. एक दिन पहले अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था. CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने प्रिसिजन म्यूनिशन का इस्तेमाल करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़के निकट स्थित ईरानी एअर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार साइट्स को निशाना बनाया.
अमेरिका का कहना है कि यह हमला उसके सैनिकों और इलाके से गुजर रहे इंटरनेशनल कॉमर्शियल शिप्स पर हुए हालिया हमलों के जवाब में किया गया. CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी ईरानी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है.
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि ईरान पर हमलों का तीसरा दौर शुरू हो गया है. अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू कर दिए हैं और सैन्य कार्रवाई अभी भी चल रही है.
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि हालिया हमले ईरान को चेतावनी देने के लिए किए गए हैं. उनका कहना है कि इन हमलों से युद्ध खत्म करने के लिए चल रही बातचीत पर कोई असर पड़ने की आशंका नहीं है.
अब ईरान ने अमेरिकी बेसों पर हमला शुरू करने का दावा किया है. ईरान की टॉप जॉइंट मिलिट्री कमांड, 'खतम अल-अंबिया' ने कहा कि 'दक्षिणी ईरान में अमेरिकी आक्रामकता' के जवाब में इलाके में मौजूद कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
ईरान की मीडिया का कहना है कि दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप पर फिर धमाके की आवाज सुनी गई. वहीं बंदर अब्बास में लगातार कई धमाके सुने गए. इसके अलावा ईरान के सिरिक में एक और धमाके की आवाज सुनी गई.
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया है कि ईरान के जास्क इलाके में फिर से धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं.
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'युद्ध के मैदान में हार के बावजूद, U.S. ने हमारे इरादे को परखने का फैसला किया. हमारी ताकतवर सेना किसी भी हमले या खतरे का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगी. अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे इलाके से चले जाएं. फारस की खाड़ी के इतिहास में घुसपैठ करने वाले बाहरी लोगों के बुरे अंजाम के बारे में कई अध्याय हैं.'
ईरान की तरफ से जानकारी मिली है कि केशम द्वीप पर अमेरिकी हमलों की वजह से छह धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. ऐसा माना जा रहा है कि ये अटैक ड्रोन नहीं, लड़ाकू विमान से किया गया.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ईरान पर अमेरिकी हमलों में होर्मुज के आसपास कई एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया था.
ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज में स्थित केशम द्वीप पर हमला हुआ और सिरिक में एक प्रोजेक्टाइल के टकराने की पुष्टि हुई है. बंदर अब्बास पर भी अटैक हुआ. ईरान की समाचार एजेंसी के मुताबिक, होर्मोजगन के पूर्वी इलाकों में धमाकों की आवाज सुनी गई.
कुछ वक्त बाद ही अमेरिकी सेना ने ईरान के अलग-अलग ठिकानों पर हमला बोल दिया. ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद ईरान पर हमले कर रही है, और उन्होंने कहा कि जवाब देना बहुत जरूरी था.
ट्रंप के दावे को ईरान ने नकार दिया, उन्होंने कहा कि अमेरिका का अपाचे हेलिकॉप्टर उन्होंने नहीं गिराया है. ईरान ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वो ऐसे बहाने खोजकर हमपर हमला करना चाहते हैं.
मंगलवार रात होर्मुज में अमेरिका का एक एपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ये क्रैश ईरानी हमलों की वजह से हुआ. हालांकि, दोनों पायलट्स को ड्रोन की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया था. ट्रंप ने कहा कि इसका बदला जरूर लिया जाएगा.