मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते हवाई सेवाएं व्यापक स्तर पर प्रभावित हुई हैं. इस कारण भारत समेत दूसरे देशों के नागरिक खाड़ी देशों में फंस गए हैं. हालांकि, उनके लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. अबू धाबी के कल्चर एंड टूरिज्म डिपार्टमेंट ने रविवार को अमीरात के सभी होटलों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि यात्रा प्रतिबंधों के कारण जो मेहमान समय पर शहर नहीं छोड़ पा रहे हैं, उन्हें होटल में ठहरने की अवधि बढ़ाने की अनुमति दी जाए. इस अतिरिक्त ठहराव का पूरा खर्च अबू धाबी सरकार खुद वहन करेगी.
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को होटल जनरल मैनेजर्स को जारी एक सर्कुलर में कल्चर एंड टूरिज्म डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया कि कई टूरिस्ट अपनी निर्धारित चेक-आउट तारीख तक पहुंच चुके हैं, लेकिन उनके नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण वे आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़े क्षेत्रीय तनाव के कारण फ्लाइट ऑपरेशंस बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और कई इलाकों में अस्थायी यात्रा प्रतिबंध लागू किए गए हैं.
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डीसीटी अबू धाबी ने साफ किया कि न तो होटलों पर और न ही मेहमानों पर इस अतिरिक्त ठहराव का कोई आर्थिक बोझ पड़ेगा. नोटिस में कहा गया, 'यात्री जितने अतिरिक्त दिन होटलों में ठहरेंगे उसकी लागत डीसीटी, अबू धाबी द्वारा वहन की जाएगी.' साथ ही, होटलों से कहा गया है कि वे संबंधित इनवॉइस विभाग के तय ईमेल एड्रेस पर भेजें ताकि भगुतान किया जा सके. बेहतर समन्वय के लिए विभाग ने अपनी बिजनेस कंटिन्युटी टीम के संपर्क विवरण भी साझा किए हैं, ताकि किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके.
सोशल मीडिया पर इस कदम की काफी सराहना हो रही है और लोग इसे यात्रियों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को राहत देने वाला एक संवेदनशील और सक्रिय फैसला मान रहे हैं. यह आदेश यूएई की कानून संख्या 8, 2018 के तहत जारी किया गया है, जिसके जरिए डीसीटी अबू धाबी की स्थापना की गई थी और उसे टूरिज्म इंडस्ट्री को नियंत्रित व सहयोग देने का अधिकार मिला है. इसी तरह की एक पहल में दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्म (DET) ने भी होटल संचालकों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित यात्रियों को उनकी मूल बुकिंग की शर्तों पर ही ठहराव बढ़ाने की अनुमति दें. होटलों से यह भी कहा गया है कि वे बढ़ाई गई अवधि और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत विभाग को दें.
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