कहीं TMC दफ्तर में तोड़फोड़, कहीं आगजनी... बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद कई जगह हिंसा

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद कई इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. टीएमसी ने बीजेपी समर्थकों पर पार्टी दफ्तरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.

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बंगाल के कई इलाकों में हिंसा के बाद टीएमसी ने बीजेपी पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है. (Photo: Screengrab/X/AITCOfficial) बंगाल के कई इलाकों में हिंसा के बाद टीएमसी ने बीजेपी पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है. (Photo: Screengrab/X/AITCOfficial)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:30 PM IST

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. आरोप है कि बीजेपी के सदस्यों ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तरों में तोड़फोड़ की, जिसमें पार्टी के दफ्तरों में आग लगाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कई इलाकों में तनाव पैदा करना शामिल है. मंगलवार सुबह, रोतिबाती पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जमुड़िया विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर तनाव भड़क उठा.

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पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि सोमवार दोपहर से ही टॉलीगंज, बारुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, बहरामपुर, हावड़ा और कसबा में टीएमसी के दफ़्तरों में बेकाबू भीड़ ने तोड़फोड़ की.

इन घटनाओं की निंदा करते हुए टीएमसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "बीजेपी ने सत्ता में आते ही अपना असली रंग दिखा दिया है. उनके गुंडों ने मुर्शिदाबाद में हमारे पार्टी दफ़्तर पर हिंसक हमला किया. तोड़-फोड़ और अफ़रा-तफ़री, यही बीजेपी का असली चेहरा है. यह बीजेपी की गटर वाली राजनीति में गिरने की शुरुआत है." 

टॉलीगंज के विजयगढ़-नेताजीनगर इलाके में टीएमसी उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव दफ़्तर में भीड़ ने तोड़फोड़ की. भीड़ में से कुछ लोग वहां से जाने से पहले टूटे हुए होर्डिंग को लात मारते हुए भी दिखे. रूबी क्रॉसिंग पर टीएमसी पार्षद सुशांत घोष के दफ़्तर में बीजेपी के झंडे थामे भीड़ ने जमकर तोड़फोड़ की.

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'सारी हदें पार...'

टीएमसी ने कहा, "बीजेपी ने तो सारी हदें पार कर दी हैं! उन्होंने मानिकतला वार्ड के अध्यक्ष को भी नहीं बख्शा, जो खुद कैंसर के मरीज़ हैं. बेरहमी से उनका सिर फोड़ दिया. आखिर वे रुकने से पहले और कितना खून बहाना चाहते हैं?"

टीएमसी के एक्स हैंडल से हिंसा से जुड़े कई पोस्ट किए गए. एक अन्य पोस्ट में कहा गया, "सत्ता में आते ही बीजेपी का असली चेहरा सामने आ गया है. जलपाईगुड़ी के वार्ड 14 में बीजेपी समर्थित उपद्रवियों ने हमारे तृणमूल कांग्रेस पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की है. यह तोड़फोड़ और अशांति फैलाने की जान-बूझकर की गई कोशिश ही बीजेपी का असली चेहरा है."

'आसनसोल के TMC दफ्तर में तोड़फोड़'

टीएमसी के आसनसोल दफ्तर में भी तोड़फोड़ की खबर सामने आई है. टीएमसी ने कहा, "सत्ता के अहंकार में लोकतंत्र को कुचलने का बीजेपी का गंदा खेल शुरू हो चुका है! नतीजे आते ही, 'भगवा ब्रिगेड' अपना असली रंग दिखाने लगी है. आसनसोल में TMC दफ़्तर में हुई तोड़-फोड़ यह साबित करती है कि लोकतांत्रिक मूल्यों या बुनियादी शिष्टाचार के लिए उनके मन में ज़रा भी सम्मान नहीं है."

रिपोर्ट के मुताबिक, आसनसोल में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने यह आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया कि रानीगंज पंचायत क्षेत्र में पार्टी के एक कार्यकर्ता पर हमला किया गया था. यह विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया, जब आक्रोशित बीजेपी समर्थकों ने तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी दफ़्तर में तोड़फोड़ की और बाद में उसमें आग लगा दी.

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इस घटना से पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया, जिसके चलते रानीगंज पुलिस स्टेशन से पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को तत्काल मौके पर तैनात किया गया. स्थिति को काबू में करने और हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए केंद्रीय बलों को भी तुरंत मौके पर भेजा गया. 

पुलिस ने जारी किया बयान

कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि चुनाव नतीजों के बाद, सोशल मीडिया पर कई गुमराह करने वाली पोस्ट फैलाई जा रही हैं, जिनमें दूसरी जगहों के वीडियो और तस्वीरों को गलत तरीके से कोलकाता से जोड़ा जा रहा है.

पुलिस ने कहा, "कोलकाता पुलिस इस तरह के कंटेंट पर कड़ी नज़र रख रही है. गलत जानकारी फैलाने वालों और सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. कोलकाता में हालात पूरी तरह से काबू में हैं. नागरिकों से गुजारिश है कि वे बिना पुष्टि वाली पोस्ट पर भरोसा न करें और उन्हें शेयर न करें."

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