बदले-बदले बंगाल में कैसा रहा पहला दिन, जानें- बीते 24 घंटे में क्या-क्या हुआ

पश्चिम बंगाल चुनाव के दोनों चरणों में रिकॉर्ड मतदान हुआ था. मुस्लिम वोटों के एकतरफा तौर पर टीएमसी की ओर झुकाव के बावजूद हिंदू वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण देखने को मिला. इसी वजह से बीजेपी को तृणमूल के गढ़ में भी जबरदस्त कामयाबी मिली.

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कोलकाता में टीएमसी ऑफिस को भगवा रंग से रंगता कार्यकर्ता (Photo: PTI) कोलकाता में टीएमसी ऑफिस को भगवा रंग से रंगता कार्यकर्ता (Photo: PTI)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:19 PM IST

पश्चिम बंगाल बदला-बदला सा नजर आ रहा है. बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर बंगाल को भगवामय कर दिया है. बंगाल की गली-गली में बीजेपी जीत का जश्न मना रही है. सूबे में बीजेपी की जीत को 24 घंटे हो गए हैं. ऐसे में यह जान लेना जरूरी हो जाता है कि बीते 24 घंटे में बंगाल में क्या-क्या हुआ है?

चार मई की शाम खबर आई कि बंगाल की भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हरा दिया है. शुभेंदु ने ममता बनर्जी को लगभग 15 हजार वोटों से हराया था. इस जीत के बाद शुभेंदु ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि ममता बनर्जी को हराना बहुत जरूरी थी. अब उनका राजनीतिक संन्यास हो गया है. 

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बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं. आरोप है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने टीएमसी के दफ्तरों में तोड़फोड़ की, जिसमें पार्टी के दफ्तरों में आग लगाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कई इलाकों में तनाव पैदा करना शामिल है. 


बंगाल में टीएमसी के दफ्तर में तोड़फोड़ (Photo: PTI)

बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद मंगलवार को दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में भारी हंगामा देखने को मिला.टीएमसी नेता जहांगीर खान के पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ की गई. आरोप है कि चुनाव परिणामों के बीच बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके दफ्तर को निशाना बनाया. 

फलता से कई वीडियो सामने आए जिसमें बीजेपी समर्थकों की भीड़ ने टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ करते नजर आए. वीडियो में दफ्तर के भीतर रखे फर्नीचर और दूसरे सामानों को नुकसान पहुंचाते देखा गया. 

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बंगाल के आसनसोल के बस्तिन बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के कपाट को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. ये मंदिर वर्षों से बंद था. लंबे समय से बंद पड़े इस मंदिर के खुलने के बाद इलाके में खुशी, उत्साह और धार्मिक उमंग का माहौल देखने को मिला. मंदिर के खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे. लोगों ने पूजा-अर्चना की, मां दुर्गा के जयकारे लगाए.


बंगाल के आसनसोल में दुर्गा मंदिर के कपाट खुले. (Photo: Screengrab)

वहीं, मंगलवार दोपहर ममता बनर्जी ने बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस. इस दौरान ममता ने टीएमसी की हार के लिए बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि हम चुनाव हारे नहीं हैं, हमें हराया गया है. बीजेपी ने चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर जीत हासिल की है.

ममता ने कोलकाता में कहा कि हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से थी. मैंने अपनी जिंदगी में इस तरह का चुनाव नहीं देखा. मैंने 2004 से इस तरह का अत्याचार नहीं देखा. चुनाव आयोग मुख्य विलेन है.

ममता ने कहा कि अगर बीजेपी ने निष्पक्ष चुनाव जीतकर जीत हासिल की होती, तो मुझे कोई शिकायत नहीं होती लेकिन हम हारे नहीं हैं. बीजेपी ने ये जीत चुरा ली है. उन्होंने एसआईआर से 90 लाख नाम हटा दिए. जब हम कोर्ट गए तो 32 लाख लोग वापस जोड़े गए. 

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ममता बनर्जी ने इस्तीफे के सवाल पर कहा कि मेरा इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता. हम चुनाव हारे नहीं है. यह पूछे जाने पर कि क्या वह लोकभवन जाएंगी? इस पर ममता ने कहा कि हम नैतिक रूप से जीते हैं. मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी. पार्टी सदस्यों के साथ आगे की स्ट्रैटेजी पर चर्चा की जाएगी. 


चुनावी हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करतीं ममता बनर्जी (Photo:PTI)

वहीं, ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के इनकार के बाद बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि संविधान में सब लिखा हुआ है, ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है.

बता दें कि बंगाल चुनाव के दोनों चरणों में रिकॉर्ड मतदान हुआ था. मुस्लिम वोटों के एकतरफा तौर पर टीएमसी की ओर झुकाव के बावजूद हिंदू वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण देखने को मिला. इसी वजह से बीजेपी को तृणमूल के गढ़ में भी जबरदस्त कामयाबी मिली और उसके सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे शुभेंदु अधिकारी जो मुख्यमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. 

बीजेपी दावा कर रही है कि गंगोत्री से गंगासागर तक बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली है. पूरा भगवा लहरा रहा है लेकिन बंगाल की ये जीत बीजेपी के लिए बहुत खास है क्योंकि तमाम एक्सपर्ट बड़े-बडे़ दावों के साथ ये कहते थे कि बीजेपी चाहे कुछ भी कर ले, लेकिन बंगाल नहीं जीत सकती. बंगाल बीजेपी विरोधी राजनीति का एक बड़ा पावर सेंटर था, जिसे मोदी और उनकी टीम ने ध्वस्त किया है

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