पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के हाथ से उनकी ही बनाई पार्टी तृणमूल कांग्रेस फिसलती दिख रही है. टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की अगुवाई में 60 विधायक बागी हो गए हैं. विधानसभा के स्पीकर ने बागी गुट का दावा स्वीकार करते हुए ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी है. अब इस मामले में नया ट्विस्ट आ गया है.
अब बागी गुट के विधायकों ने पार्टी में बने रहने के लिए नेतृत्व परिवर्तन का राग छेड़ दिया है. नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर अब बागी गुट में भी फूट पड़ती दिख रही है. हावड़ा के पांचला से टीएमसी विधायक गुलशन मलिक जो बागी खेमे से हैं, उन्होंने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है. पांचला के टीएमसी विधायक गुलशन मलिक का कहना है कि अगर ममता सिर्फ़ मार्गदर्शक रहेंगी, नेतृत्व छोड़ देंगी, हमारी नेता नहीं रहेंगी, तब हम नहीं मानेंगे.
उन्होंने दावा किया कि हावड़ा जिले में पांच से छह विधायक ऐसे हैं, जिनसे मेरी इस मुद्दे पर बात हुई है. गुलशन मलिक ने कहा कि इन विधायकों के साथ मीटिंग में भी इस बात पर चर्चा हुई है. ममता बनर्जी हमारी नेता हैं और यह जो मार्गदर्शक की बात हो रही है, उसे हम नहीं मानेंगे. उन्होंने साफ कहा कि ममता बनर्जी ही हमारी नेता हैं और ऐसी ही बात हुई भी थी.
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पांचला विधायक ने स्पष्ट कहा कि अगर कहा जाता है कि ममता मार्गदर्शक होंगी, तो मैं नहीं मानूंगा. ममता ही हमारी नेता हैं. उन्होंने कहा कि हावड़ा से हम छह से सात लोग ऐसे हैं, जो मार्गदर्शक के तौर पर नहीं, बल्कि नेता के तौर पर ही मानेंगे. गौरतलब है कि बागी गुट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दी थी. बागी गुट के नेताओं ने साफ कह दिया था कि ममता बनर्जी हमारी मार्गदर्शक हैं.
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