Suvendu Adhikari PA shot dead: एयरफोर्स ऑफिसर रह चुके थे चंद्रनाथ, 2019 में थामा था शुभेंदु अधिकारी का हाथ

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सुर्खियों में आए चंद्रनाथ रथ का नाम 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा में आया था. सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी माने जाने वाले रथ ने भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम विवाद के समय बीजेपी समर्थकों का नेतृत्व किया था. पूर्व वायुसेना अधिकारी रहे रथ की राजनीतिक सक्रियता अब फिर चर्चा का विषय बन गई है.  

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एयरफोर्स ऑफिसर रह चुके थे चंद्रनाथ (Photo: itg) एयरफोर्स ऑफिसर रह चुके थे चंद्रनाथ (Photo: itg)

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता ,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:31 AM IST

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद बुधवार देर शाम प्रदेश एक सनसनीखेज वारदात से हिल गया. यहां भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. जानकारी के मुताबिक यह घटना उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में हुई. चंद्रनाथ को निशाना बनाते हुए चार राउंड फायरिंग की गई. इस फायरिंग में चंद्रनाथ और उनके ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चंद्रनाथ की इलाज के दौरान मौत हो गई. हाल में आए चुनावी नतीजों के बाद इस तरह की वारदात कई सवाल खड़े करती है.

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कौन थे चंद्रनाथ रथ?

चंद्रनाथ रथ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट थे. इससे पहले वह वायुसेना में अधिकारी थे. 42 साल के चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी का होम टाउन  पूर्वी मिदनापुर जिले के चांदीपुर इलाके के रहने वाले थे. राजनीतिक गलियारों में चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है.  साल 2019 में जब शुभेंदु अधिकारी ममता सरका में मंत्री थे तब चंद्रनाथ उनके साथ जुड़े और उनके पीए बन दए. ममता बनर्जी से अलग होने के बाद भी चंद्रनाथ शुभेंदु का ही हाथ थामे रहे.

2021 की स्ट्रॉन्गरूम कंट्रोवर्सी

साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उनका नाम अचानक सुर्खियों में आ गया था. तब वह मतगणना से तीन दिन पहले भवानीपुर स्थित शखावत मेमोरियल हाई स्कूल के स्ट्रॉन्गरूम के बाहर हुए विवाद में सक्रिय रूप से मौजूद थे. उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्ट्रॉन्गरूम के भीतर गई थीं, जिसके बाद बीजेपी ने विरोध जताया था.

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पुलिसकर्मियों से भी तीखी बहस

उस दौरान शुभेंदु  अधिकारी पूर्वी मिदनापुर के कांथी रवाना हो चुके थे. ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी में चंद्रनाथ रथ ने बीजेपी समर्थकों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व किया था. रथ ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस का एक प्रचार वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए मतगणना केंद्र के पास खड़ा किया गया था. इस मुद्दे को लेकर उनकी पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस भी हुई थी. विवाद बढ़ने के बाद पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के हस्तक्षेप से उस वाहन को वहां से हटाया गया था.  

कार रुकवाकर बरसाई गईं गोलियां

बुधवार के हमले में चंद्रनाथ रथ को पांच गोलियां लगीं. उनको आनन-फानन में उपचार के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.  पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ की कार का पीछा एक कार और एक बाइक सवार कर रहे थे. पीछा कर रही कार ने आगे निकलकर उनकी गाड़ी को रुकने पर मजबूर किया, जिसके बाद बाइक पर मौजूद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. पुलिस ने उस संदिग्ध कार को जब्त कर लिया है. जांच में सामने आया है कि वाहन का नंबर सिलीगुड़ी का है, लेकिन नंबर प्लेट से छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताई जा रही है.

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों की बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी. सूत्रों का कहना है कि घटना के दौरान लगभग 10 राउंड फायरिंग की गई. पुलिस अधिकारियों के अनुसार वारदात का तरीका साफ तौर पर पूर्व नियोजित हत्या की तरफ इशारा कर रहा है. घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए और जांच शुरू कर दी. इधर, चंद्रनाथ रथ की हत्या से नाराज बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया.


 


 

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