शुभेंदु के PA की हत्या की जांच में नया मोड़, यूपी पहुंची SIT टीम... मर्डर में इस्तेमाल दूसरी बाइक भी बरामद

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल बरामद की है, जबकि सात सदस्यीय SIT तकनीकी और जमीनी सबूत जुटाने उत्तर प्रदेश पहुंची है.

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शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. (File Photo: ITG) शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. (File Photo: ITG)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है. पुलिस ने शुक्रवार को हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल बरामद कर ली, जबकि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सबूत जुटाने के लिए उत्तर प्रदेश रवाना हो गई. 

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दूसरी मोटरसाइकिल को उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके में रेल गेट नंबर 11 के पास से बरामद किया गया. यह स्थान मध्यमग्राम से करीब 6 किलोमीटर दूर है, जहां बुधवार रात शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

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इससे पहले जांचकर्ताओं ने कोलकाता एयरपोर्ट क्षेत्र के गेट नंबर 2.5 के पास से एक अन्य बाइक जब्त की थी. जांच में सामने आया कि उस बाइक की नंबर प्लेट फर्जी थी. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दूसरी मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट और इंजन नंबर असली हैं या नहीं.

पुलिस अब एक लाल रंग की संदिग्ध चार पहिया गाड़ी की भी तलाश कर रही है, जिसका इस्तेमाल वारदात में किए जाने की आशंका है. अधिकारियों के अनुसार, इस वाहन में सात से आठ लोग सवार हो सकते थे और यह वाहन संभवतः पश्चिम बंगाल के बाहर पंजीकृत है.

जांचकर्ताओं ने मध्यमग्राम के घटनास्थल के पास से एक अन्य कार भी बरामद की थी, जिसकी नंबर प्लेट भी फर्जी निकली. पुलिस को पता चला कि उस वाहन का असली नंबर सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है, जो एक चाय बागान में काम करता है.

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जांच में यूपी का कनेक्शन भी आया सामने

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सिलीगुड़ी निवासी व्यक्ति ने अपनी कार बेचने के लिए एक वेबसाइट पर विज्ञापन डाला था. उसने दावा किया कि उसे उत्तर प्रदेश के एक संभावित खरीदार का फोन आया था. पुलिस को शक है कि इस मामले का कनेक्शन उत्तर प्रदेश से हो सकता है. इसी कड़ी में सात सदस्यीय SIT उत्तर प्रदेश गई है. इस टीम में राज्य सीआईडी, इंटेलिजेंस ब्रांच (IB) और बंगाल एसटीएफ के अधिकारी शामिल हैं. टीम वहां तकनीकी और जमीनी स्तर के सबूत जुटाएगी.

SIT के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है, लेकिन हत्या के पीछे कौन लोग हैं, इसका अब तक पता नहीं चल पाया है. जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस हत्या के लिए सुपारी किलर्स को हायर किया गया था और इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं.

हत्या के 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. अधिकारियों का मानना है कि इस वारदात में राज्य के बाहर के अपराधियों की संलिप्तता के स्पष्ट संकेत मिले हैं. हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि स्थानीय मदद के बिना अपराधियों के लिए इलाके में इतनी तेजी से भाग निकलना संभव नहीं था.

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वारदात को अंजाम देने के लिए बना था व्हाट्सऐप ग्रुप

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मध्यमग्राम के जेसोर रोड इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है.

पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने पहले रथ की गाड़ी का पीछा किया और फिर मौका देखकर हमला कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि जिस तरीके से हमलावर घटनास्थल से भागे, उससे लगता है कि या तो वे इलाके से परिचित थे या उन्हें स्थानीय अपराधियों का सहयोग मिला था.

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीमावर्ती जिलों के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है. विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की जा रही है, क्योंकि आशंका है कि कुछ आरोपी पड़ोसी राज्यों की ओर भाग गए हैं.

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