कोलकाता मेट्रो के 'ऑरेंज लाइन' प्रोजेक्ट में एक बड़ी अड़चन आखिरकार दूर हो गई. ईएम बाईपास पर चिंगरीघाटा क्रॉसिंग पर 62 मीटर का एक गैप था जो सालों से अटका पड़ा था. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को बताया कि यह काम अब पूरा हो गया है. लेकिन यह सिर्फ एक कंस्ट्रक्शन अपडेट नहीं है. इसके पीछे एक लंबी सियासी लड़ाई की कहानी है जो हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची और बंगाल के चुनाव में भी मुद्दा बनी.
कोलकाता में एक मेट्रो लाइन बन रही है जिसे 'ऑरेंज लाइन' कहते हैं. इसका पूरा नाम है न्यू गरिया से एयरपोर्ट तक का कॉरिडोर. यह लाइन कोलकाता के कई अहम इलाकों को जोड़ती है, जैसे IT हब सेक्टर V, न्यू टाउन, और उत्तर और दक्षिण कोलकाता.
इस पूरे रूट पर एक जगह काम अटकी हुई थी. वह जगह है चिंगरीघाटा क्रॉसिंग, जो ईएम बाईपास पर है. यहां मेट्रो के लिए एक ऊंचा पुल यानी वायडक्ट बनाना था. इस पुल में 62 मीटर का एक हिस्सा बाकी था जिसे पूरा करने के लिए रात को कुछ घंटे के लिए सड़क का ट्रैफिक रोकना जरूरी था.
यहीं से असली पेच शुरू हुआ
काम करने वाली एजेंसी ने ट्रैफिक रोकने की परमिशन मांगी. लेकिन उस वक्त बंगाल में TMC यानी तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी. TMC सरकार और पुलिस ने यह परमिशन देने से मना कर दिया. बिना परमिशन के सड़क पर काम नहीं हो सकता था, इसलिए यह हिस्सा सालों तक वैसे ही अटका रहा.
मामला कोर्ट तक गया. पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने चिंता जताई और कहा कि यह देरी ठीक नहीं है. कोर्ट ने आदेश दिया कि 15 फरवरी 2026 तक काम पूरा किया जाए. लेकिन उसके बाद भी काम नहीं हुआ.
फिर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को सीधे फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि यह एक विकास का काम है जो आम लोगों के फायदे के लिए है, इसे राजनीति का हिस्सा मत बनाओ.
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यह मुद्दा इतना बड़ा हो गया था कि बंगाल के विधानसभा चुनाव में भी इसका जिक्र हुआ. चुनाव के बाद जो शुभेंदु अधिकारी की सरकार बनी, उसने तुरंत अनुमति दे दी.
अनुमति मिलते ही काम शुरू हुआ. दो लगातार वीकेंड पर रात को ट्रैफिक रोका गया और काम किया गया. सोमवार सुबह 5 बजे यह काम पूरा हो गया. और सड़क तय समय से तीन घंटे पहले खोल दी गई. मेट्रो रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस स्ट्रेच पर दिसंबर 2025 तक यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है.
रेल मंत्री वैष्णव ने एक्स पर पोस्ट करके TMC पर निशाना साधा और कहा कि TMC ने बेसिक ट्रैफिक डायवर्जन की परमिशन देने से मना करके इसे सालों तक रोके रखा. हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी काम नहीं होने दिया गया.
एक्स पर रेल मंत्री के पोस्ट पर रिएक्ट करते हुए शांतनु गोस्वामी नाम के एक यूजर ने लिखा - ट्रैफिक का प्रबंधन बहुत ही बढ़िया था. केपी और अन्य सभी संबंधित लोगों को धन्यवाद. भारत डागा नाम के यूजर ने लिखा - हम, कलकत्ता के नागरिक, जल्द से जल्द मेट्रो सेवा शुरू होने को लेकर उत्साहित हैं.
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