अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 8 साल पुराने मामले में बीजेपी नेता ने दर्ज कराई शिकायत

दक्षिण 24 परगना में भाजपा नेता अभिजीत दास ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है. इसमें उन्होंने 2018 में हुए हिंसक हमले की गहरी साजिश की जांच करने की मांग की.

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अभिषेक बनर्जी पर 2018 के हमले को लेकर एफआइर दर्ज (Representative Image/File) अभिषेक बनर्जी पर 2018 के हमले को लेकर एफआइर दर्ज (Representative Image/File)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं. दक्षिण 24 परगना में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है. सीनियर भाजपा नेता अभिजीत दास (बॉबी) ने साल 2018 में हुए एक हिंसक हमले के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने इस पूरे मामले की गहरी साजिश की जांच करने की मांग की है.

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अभिजीत दास डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़े थे. उन्होंने ये नई शिकायत डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन में दी है. भाजपा नेता ने इस घटना को पहले से तय और राजनीतिक समर्थन वाली हत्या की कोशिश बताया है. उन्होंने पुलिस से इस मामले की तय समय में जांच पूरी करने की मांग की है.

दरअसल, ये मामला 21 दिसंबर 2018 का है. दोपहर करीब 2:40 बजे डायमंड हार्बर के कपट हाट में स्वास्तिक भवन के पास ये घटना हुई थी. अभिजीत दास के अनुसार वो अपने साथी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ एक राजनीतिक बैठक में जा रहे थे. इसी दौरान हथियारों से लैस एक बड़ी भीड़ ने उनकी गाड़ी को जबरन रोक लिया. हमलावरों के पास धारदार और भारी हथियार थे.

उन्होंने गाड़ी में बैठे लोगों को बाहर खींचा और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. इस हमले में अभिजीत दास के सिर पर गंभीर चोट आई थी और काफी खून बह गया था. उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था. हमले में कई भाजपा कार्यकर्ता भी गंभीर रूप से घायल हुए थे. हमलावरों ने जाने से पहले गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की और उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया.

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सोची-समझी साजिश का आरोप

भाजपा नेता ने अपनी शिकायत में विरोधी राजनीतिक दल के नेताओं को सीधे तौर पर निशाना बनाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये हमला अचानक हुई कोई झड़प नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित और सोची-समझी साजिश थी. उन्होंने बताया कि हमला करने वाली भीड़ विरोधी पार्टी के बड़े नेताओं के समर्थन में नारे लगा रही थी. उनका मकसद डर और हिंसा के दम पर डायमंड हार्बर में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकना था.

दास ने अपनी शिकायत में कहा है कि हमले का तरीका और भीड़ का बर्ताव एक गहरी साजिश की तरफ इशारा करता है. इसलिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों को उन लोगों की जांच करनी चाहिए, जिन्होंने इस पूरे हमले की योजना बनाई और इसके लिए पैसा दिया था.

पुलिस और जांच एजेंसी से बड़ी मांग

भाजपा नेता का आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में घटना के तुरंत बाद मेडिकल रिपोर्ट और तस्वीरों के साथ शिकायत दी थी. इसके बाद दिसंबर 2023 में भी उन्होंने कार्रवाई की मांग की थी. लेकिन इतने सालों के बाद भी स्थानीय अधिकारी मुख्य आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रहे हैं.

इस बार बीजेपी नेता ने जांच एजेंसी के सामने 10-सूत्रीय सख्त कार्ययोजना रखी है, जिसमें कई मांगें शामिल. उन्होंने मांग की है कि घटना के दिन के सीसीटीवी फुटेज निकाले जाएं. साथ ही संदिग्धों के मोबाइल टावर लॉग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जाए. उन्होंने चश्मदीदों, स्थानीय दुकानदारों, पत्रकारों और पुलिसकर्मियों के बयान तुरंत दर्ज करने को कहा है. इसके अलावा उन्होंने भीड़ इकट्ठा करने वाले मुख्य मास्टरमाइंड्स के पैसों के लेन-देन की जांच करने की भी मांग की है.

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