टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल में बने काउंटिंग सेंटर में उनके साथ मारपीट का आरोप लगाया है. इन आरोपों पर पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने प्रतिक्रिया दी है. अग्रवाल ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से बात की, जिन्होंने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है.
बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि अगर इस तरह की कोई घटना हुई होती, तो इसकी शिकायत या एफआईआर जरूर दर्ज कराई जाती, लेकिन ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है. बता दें कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भावानीपुर विधानसभा सीट पर उन्हें साजिश करके और अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल करके हराया गया.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने फेसबुक पर मंगलवार सुबह ममता बनर्जी के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग शेयर की. इसमें ममता मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाती सुनी गईं. उन्होंने दावा किया कि भवानीपुर में अंतिम कुछ चरणों की मतगणना में घालमेल करके उन्हें हराया गया.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, 'भवानीपुर में आखिरी कुछ राउंड की गिनती बाकी थी, जो पूरी तरह हमारा इलाका है. उसी समय कुछ गुंडे काउंटिंग सेंटर में घुस आए… उन्होंने मुझे पीटा और CRPF की मदद से मेरे एजेंटों को काउंटिंग सेंटर से बाहर फेंक दिया.' उन्होंने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण समय पर उन्हें काउंटिंग हॉल में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया.
भवानीपुर सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां 20 राउंड की मतगणना में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले. ममता बनर्जी ने शुरुआत में करीब 2,000 वोटों की बढ़त बनाई और सातवें राउंड तक यह बढ़त 17,000 से ज्यादा हो गई, जिससे टीएमसी समर्थकों में जश्न शुरू हो गया. हालांकि, इसके बाद समीकरण बदलने लगे. 14वें राउंड तक उनकी बढ़त घटकर करीब 4,000 वोट रह गई.
आखिरी के 6 राउंड में नाटकीय मोड़ आया, जब बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें पीछे छोड़ दिया और अंततः 15,105 वोटों से जीत हासिल कर ली. ममता बनर्जी का दावा है कि वह 16वें राउंड तक आगे थीं और उनके एजेंटों को काउंटिंग सेंटर से हटाए जाने के बाद ही नतीजे पलटे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को ठीक से सील किए बिना स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाया गया.
उन्होंने निर्वाचन आयोग, CRPF और स्थानीय चुनाव अधिकारियों पर केंद्र सरकार के इशारे पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया और इसे 'टॉर्चर' बताया. ममता ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और बिजली काटकर जबरन वोट चोरी के भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सभी सबूत दर्ज किए गए हैं और अदालत में पेश किए जाएंगे. भवानीपुर में ममता की हार टीएमसी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट लंबे समय से उनका सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है.
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