अभिषेक की सुरक्षा में कटौती, MHA ने सुरक्षा घेरे में किया बड़ा बदलाव, ममता बनर्जी को मिलती रहेगी Z+ सुरक्षा

पश्चिम बंगाल की राजनीति और सुरक्षा गलियारों से बड़ी खबर सामने आ रही है. गृह मंत्रालय ने वीआईपी सुरक्षा की समीक्षा के बाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के सुरक्षा घेरे को कम करने का फैसला किया है. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती. (File photo) अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती. (File photo)

तपस सेनगुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:44 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में हाई-प्रोफाइल राजनेताओं की सुरक्षा कैटेगरी में में बड़ा बदलाव किया है. इसी क्रम में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा कम की जा रही है. अब उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के हिसाब से सुरक्षा प्रदान की जाएगी. पहले अभिषेक को Z+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई थी. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की Z+ सुरक्षा बरकरार रहेगी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को दी जा रही Z+ श्रेणी की सुरक्षा कवर को घटा दिया गया है. अब उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के हिसाब से प्रोटोकॉल के तहत ही सुरक्षा दी जाएगी.

सुरक्षा एजेंसियों ने सामरिक कारणों से नई सुरक्षा श्रेणी का विवरण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ये बदलाव वर्तमान खतरे के कारकों की विस्तृत समीक्षा के बाद किया गया है.

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ममता की सुरक्षा रहेगी बरकरार

अभिषेक बनर्जी के सुरक्षा घेरे में बदलाव के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए सुरक्षा कवच पहले जैसा ही रहेगा. राज्य के पूर्व प्रमुख के रूप में उनकी स्थिति और उनके कार्यालय से जुड़े खतरों की विशिष्ट प्रकृति को देखते हुए उनकी एलीट सुरक्षा व्यवस्था में कोई कटौती नहीं की गई है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा स्तरों में ये तालमेल पूरी तरह प्रशासनिक है और इसे खतरे की बदलती प्रोफाइल के अनुसार वक्त-वक्त पर अपडेट किया जाता है.

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वीआईपी सुरक्षा एक निरंतर विकसित होने वाली प्रक्रिया है. अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती का फैसला जोखिम कारकों की व्यापक समीक्षा के बाद लिया गया है. नई सुरक्षा कैटेगरी के विशिष्ट विवरणों को तकनीकी कारणों से साझा नहीं किया गया है. गृह मंत्रालय समय-समय पर खुफिया जानकारी और पर्यावरणीय कारकों के आधार पर सुरक्षा स्तरों को कैलिब्रेट करता रहता है, ताकि संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके.

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