पश्चिम बंगाल में TMC के बड़े नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को उस वक्त हमला हो गया जब वो सोनारपुर इलाके में चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे. भीड़ ने उन पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके. यहां तक कि मारने-पीटने की भी कोशिश हुई. इस हमले को लेकर अभिषेक ने गंभीर आरोप लगाए.
अभिषेक बनर्जी सोनारपुर इलाके में गए थे. मकसद था उन परिवारों से मिलना जिनके लोग चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए थे या जो इस हिंसा से प्रभावित हुए थे.
लेकिन वहां पहुंचते ही कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया. भीड़ ने पत्थर फेंके, जूते फेंके और अंडे मारे. इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने उन्हें घूंसे और लात मारने की भी कोशिश की. इस दौरान भीड़ "चोर-चोर" के नारे लगा रही थी.
हालत इतनी खराब हो गई कि पुलिस को अभिषेक बनर्जी को वहां से निकालना पड़ा. उन्हें पुलिस का हेलमेट पहनाया गया ताकि उनका बचाव हो सके. इस हमले में उनकी कमीज भी फट गई.
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अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह पूरा मामला पहले से प्लान किया गया था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस इलाके में पुलिस मौजूद नहीं थी. उन्होंने कहा, 'देखो इन लोगों ने मेरे साथ क्या किया. यह सब पहले से तय था. इलाके में पुलिस नहीं है. ये लोग मुझे मारना चाहते हैं.'
अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि जब तक स्थानीय पुलिस अपनी फोर्स नहीं भेजती और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा नहीं मिलती, वो वहां से नहीं जाएंगे. वो एक ऐसे शख्स के परिवार से मिल रहे थे जिसकी चुनाव बाद हिंसा में मौत हो गई थी.
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी हाईकोर्ट को देंगे. साथ ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले को अदालत में लेकर जाएंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे.
अभिषेक बनर्जी का आरोप - प्रशासन ने जानबूझकर नहीं भेजी सुरक्षा
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे साफ संकेत मिलता है कि उच्च स्तर पर इस घटना को जारी रहने देने की इच्छा थी. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ लोग चाहते थे कि यहां और मौतें हों, तभी उन्हें शांति मिलेगी.
तपस सेनगुप्ता / अनुपम मिश्रा