संभल पुलिस आज नखासा थाना क्षेत्र के पजाया मोहल्ले में मोस्ट वांटेड शारिक साठा के घर की कुर्की की कार्रवाई को अंजाम देगी. दुबई में बैठकर हिंसा की साजिश रचने वाला साठा 2020 में जाली पासपोर्ट से फरार हुआ था. 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा के दौरान चार युवकों की हत्या और हथियार सप्लाई में उसका नाम मुख्य रूप से सामने आया. इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और बार-बार कोर्ट की अवहेलना के बाद अब पुलिस अदालत के आदेश पर यह बड़ी कार्रवाई कर रही है.
69 मुकदमों का आरोपी और ऑटो लिफ्टर
शारिक साठा भारत का एक बड़ा ऑटो लिफ्टर माना जाता है, जिस पर दिल्ली, यूपी, बंगाल और दार्जिलिंग समेत कई राज्यों में 69 मुकदमे दर्ज हैं. वह साल भर में करीब 500 गाड़ियां चोरी करने वाले गैंग का सरगना है.
दुबई में बैठकर वह अपने गुर्गों के जरिए भारत में वारदातों को अंजाम देता है. पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरी की गाड़ियों के बदले वह नॉर्थ ईस्ट बॉर्डर से हथियार मंगवाता था और उन्हें देश भर में सप्लाई करता था.
हिंसा में पाकिस्तान कनेक्शन और 9 MM कारतूस
संभल एसपी केके बिश्नोई ने सनसनीखेज खुलासा किया कि हिंसा के दौरान पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) के बने हुए 9 MM के कारतूस मिले थे. शारिक साठा गैंग के सदस्य दुबई से बातचीत के लिए खास मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते थे. एसपी के मुताबिक, संभल के कई लड़कों का लिंक पाकिस्तान और अफगानिस्तान से रहा है, और इस हिंसा में भी पाकिस्तान समर्थित तत्वों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता.
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गुर्गों ने ही की थी युवकों की हत्या
एडिशनल एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद वारिस ने शारिक साठा के उकसाने पर ही हिंसा के दौरान नईम और कैफ की गोली मारकर हत्या की थी, ताकि माहौल खराब किया जा सके. इससे पहले मुल्ला अफरोज को बिलाल और अयान की हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था. ये आरोपी पुलिस की आंसू गैस का फायदा उठाकर फायरिंग कर रहे थे, जिसमें आम लोगों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया.
वकील विष्णु शंकर जैन की हत्या का था प्लान
एक अन्य गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद गुलाम से पूछताछ में पता चला कि साठा ने जामा मस्जिद सर्वे रोकने के लिए दिल्ली से आए वकील विष्णु शंकर जैन की हत्या की साजिश रची थी. गुलाम के पास से विदेशी पिस्टल और जर्मनी मेड कारतूस बरामद हुए हैं. पूछताछ में सामने आया कि साठा को स्थानीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और उसने अपने गुर्गों को 'मस्जिद की हिफाजत' की कसम दिलाकर हिंसा के लिए उकसाया था.
कुर्की की कार्रवाई और भविष्य की जांच
शारिक साठा के खिलाफ धारा 84 के तहत नोटिस चस्पा करने और 30 दिन की मोहलत बीतने के बाद भी वह पेश नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट की अवहेलना के नए मुकदमे दर्ज किए. आज यानी कि बुधवार को होने वाली कुर्की की कार्रवाई साठा गैंग की कमर तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है. पुलिस अब जप्त किए गए मोबाइल फोन की फॉरेंसिक क्लोनिंग करा रही है ताकि गोल्ड स्मगलिंग और अन्य अंतरराष्ट्रीय लिंक का पर्दाफाश हो सके.
अभिनव माथुर