वाराणसी के सारनाथ थाने की पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के गनर प्रशांत राय को एक महिला के साथ लंबे समय तक दुराचार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी सिपाही ने मूल रूप से अजगरा की रहने वाली पीड़िता से चार साल पहले मेलजोल बढ़ाकर उसे शादी का झांसा दिया और वाराणसी के बेनीपुर में किराए के मकान में साथ रहने लगा. इस दौरान आरोपी ने पीड़िता का यौन शोषण किया और गर्भवती होने पर मिर्जापुर के एक अस्पताल में उसका जबरन गर्भपात करा दिया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने 4 मई को पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की.
शादी के नाम पर किया विश्वासघात
पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया कि 29 वर्षीय प्रशांत राय ने खुद को यूपी पुलिस का जवान बताकर दोस्ती की और फिर शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए. जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी मुकर गया.
इतना ही नहीं, गर्भवती होने पर प्रशांत ने पीड़िता के साथ मारपीट की और उसकी मर्जी के बिना उसे मिर्जापुर ले जाकर गर्भपात कराया. इस अमानवीय कृत्य के कारण महिला की तबीयत भी काफी बिगड़ गई थी, लेकिन रसूख के नशे में चूर सिपाही उसे धमकाता रहा.
थाने पहुंचते ही खुली सिपाही की पोल
4 मई को हिम्मत जुटाकर पीड़िता सारनाथ थाने पहुंची और आपबीती सुनाई. शिकायत की जानकारी मिलते ही सिपाही प्रशांत राय अपने बड़े भाई के साथ थाने पहुंच गया. एसीपी सारनाथ विदुश सक्सेना के नेतृत्व में जब पुलिस ने उससे कड़ी पूछताछ की, तो वह किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया. प्रशांत मूल रूप से मिर्जापुर का रहने वाला है और वर्तमान में मंत्री की सुरक्षा एस्कॉर्ट में तैनात था.
2018 में भर्ती हुआ था आरोपी प्रशांत
प्रशांत राय वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था. उसकी तैनाती गाजीपुर पुलिस लाइन में थी, जहां से उसे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की सुरक्षा में गनर के रूप में भेजा गया था. रक्षक से 'भक्षक' बने इस सिपाही की करतूत ने पुलिस विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके.
रोशन जायसवाल