गाजियाबाद के खोड़ा के नवनीत विहार में रहने वाले 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. ईद के दिन हुए चाकू हमले से शुरू हुई यह कहानी अब मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर, कई गिरफ्तारियों, प्रशासनिक कार्रवाई और पूरे क्षेत्र में चल रहे विशेष अभियान तक पहुंच चुकी है. घटना के कई दिन बाद भी खोड़ा का माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, बाजार बंद हैं, ड्रोन से निगरानी की जा रही है और दूर-दूर से लोग सूर्या के परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं.
बीती 28 मई 2026 की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खोड़ा के नवनीत विहार इलाके में सूर्या प्रताप चौहान पर चाकुओं से हमला किया गया. परिजनों के अनुसार सूर्या को फोन कर बुलाया गया था. आरोप है कि वहां पहले से मौजूद असद, उसके पिता नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और अन्य लोगों ने उसे घेर लिया. आरोप है कि विवाद के दौरान सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए गए. गंभीर रूप से घायल सूर्या को तत्काल नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई घंटो तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई. 17 वर्षीय युवक सूर्या की मौत की खबर मिलते ही पूरे खोड़ा में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोगों, व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी.
सबसे पहले पिता को दी जानकारी
पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ समय पहले असद और सूर्या के बीच विवाद हुआ था. जांच में यह भी सामने आया कि घटना के दिन भी बाइक चलाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी. पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन विवाद के बाद असद ने अपने पिता नवाब और साथियों को जानकारी दी. इसके बाद कथित तौर पर सूर्या को सबक सिखाने की योजना बनाई गई. पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि फरहान ने असद को चाकू उपलब्ध कराया था जबकि पिता नवाब ने उसे उकसाया था. इसके बाद बुलाकर सूर्या पर हमला किया गया और आरोपी उसे मृत समझकर फरार हो गए . हत्या के बाद खोड़ा का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा. नवनीत विहार और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. स्थानीय लोग लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे. वही मृतक के घर पर लोगों का तांता लग गया . गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग सूर्या के परिवार से मिलने , सांत्वना देने और घटनाक्रम जानने के लिए पहुंचने लगे.
असद पर 50 हजार का इनाम और फिर एनकाउंटर
हत्या के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन मुख्य आरोपी असद लगातार फरार चल रहा था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और लगातार दबिश दी. पूरे ट्रांस हिंडन क्षेत्र में उसकी तलाश की जा रही थी. 30 और 31 मई की रात पुलिस को सूचना मिली कि असद अपने एक साथी से मिलने और आर्थिक मदद लेने के बाद शहर से फरार हो जाने के लिए आने वाला है. जिसपर खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की. पुलिस के अनुसार रोकने का प्रयास करने पर असद ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ जबकि असद का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया. मामले में पुलिस ने नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश और हमले में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. वहीं आरोपी सारिक मेवाती अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.
घर पहुंचकर कार्रवाई और नोटिस चिपकाई
एनकाउंटर के अगले दिन प्रशासन ने मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब के घर पहुंचकर कार्रवाई की. घर बंद मिलने पर एसडीएम की मौजूदगी में अवैध कब्जे और निर्माण से संबंधित नोटिस चस्पा किया गया तथा 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया. इस कार्रवाई के बाद आरोपी के घर के बाहर भी लोगों की भीड़ जुटती रही. सूर्या हत्याकांड के बाद प्रशासन ने पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिवसीय विशेष अभियान 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू किया. डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर और डीसीपी धवल जायसवाल स्वयं खोड़ा पहुंचे. ड्रोन कैमरे, स्नाइपर डॉग और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से हिस्ट्रीशीटरों और बदमाशों के घरों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया.प्रशासन ने साफ कर दिया कि अपराधियों और अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर उन पर भी कार्रवाई होगी.
इधर सूर्या चौहान की अस्थियों का हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जन किया गया. इस दौरान परिवार, रिश्तेदारों और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग भी मौजूद रहे. परिवार ने नम आंखों से अपने बेटे को अंतिम विदाई दी. मामले के तूल पकड़ने के बाद कई जनप्रतिनिधि भी परिवार से मिलने पहुंचे. पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी. भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया. कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी परिवार को न्याय और सुरक्षा का आश्वासन दिया.
सूर्या के नाम पर सड़क और भाई को नौकरी
खोड़ा नगर पालिका चेयरमैन पति एवं पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने घोषणा की कि सूर्या चौहान के बड़े भाई को नौकरी दी जाएगी. इसके अलावा क्षेत्र की किसी सड़क या चौराहे का नाम भी सूर्या चौहान के नाम पर रखने की घोषणा की गई. मुख्य आरोपी असद के पड़ोसी जावेद खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि असद गलत संगत में रहता था और अक्सर नशे तथा उधमबाजी में शामिल रहता था. उन्होंने कहा कि मोहल्ले के लोग उसके व्यवहार से परेशान थे और अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वही इलाके के मुस्लिम समाज के लोग भी मान रहे हैं कि हत्या की घटना बेहद गलत थी,जो नहीं होनी चाहिए थी , और असद के एनकाउंटर में मारे जाने को मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा सही बताया गया है. लोगो का साफ कहना है कि जो जैसा करेगा उसे वैसा भुगतना पड़ेगा.
अब भी सामान्य नहीं हुए है हालात
घटना के कई दिन बाद भी नवनीत विहार और आसपास का माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है. सूर्या और असद के घरों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. ड्रोन निगरानी लगातार जारी है. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है. बाजारों में अभी भी सन्नाटा है. कई व्यापारी सुरक्षा कारणों और तनावपूर्ण माहौल के चलते दुकानें खोलने से बच रहे हैं.सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद से नवनीत विहार और आसपास के कई बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित हुआ है. घटना के बाद क्षेत्र में व्याप्त तनाव, भारी पुलिस तैनाती और लगातार बाहरी लोगों की आवाजाही के चलते अनेक व्यापारियों ने सुरक्षा कारणों से अपनी दुकानें बंद रखीं. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जब तक इलाके का माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता और लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर विश्वास नहीं बनता, तब तक व्यापारिक गतिविधियां पूरी रफ्तार से शुरू होना मुश्किल है
सूर्या का परिवार अभी संतुष्ट नहीं
मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद भी मृतक सूर्या चौहान का परिवार खुद को पूरी तरह संतुष्ट नहीं मान रहा. परिवार का कहना है कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. उनकी मांग है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और सभी दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले. फिलहाल खोड़ा की गलियों में सूर्या चौहान हत्याकांड की चर्चा हर जुबान पर है. पुलिस जांच जारी है, प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है और पूरा क्षेत्र इस बहुचर्चित मामले के अंतिम न्याय का इंतजार कर रहा है.
मयंक गौड़