अखिलेश ने पूर्वांचल में ढूंढा ओपी राजभर का काट? इस नेता को सौंपी सपा महिला मोर्चा की कमान

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव खेलते हुए सीमा राजभर को अपनी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है. इसे पार्टी के पूर्वांचल में राजभर वोट बैंक साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

Advertisement
अखिलेश यादव ने सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया. (Photo: X/@SamajwadiParty) अखिलेश यादव ने सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया. (Photo: X/@SamajwadiParty)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:59 PM IST

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने एक अहम संगठनात्मक बदलाव किया है. अखिलेश यादव की पीडीए रणनीति के तहत सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. बता दें कि अखिलेश यादव यूपी में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.

Advertisement

इस फैसले की घोषणा पूर्व अध्यक्ष जूही सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की. उन्होंने सीमा राजभर के नेतृत्व पर भरोसा जताया. जूही सिंह ने कहा कि सीमा राजभर के नेतृत्व में सपा की महिला विंग आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से सत्ता में वापसी करना और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है. 

समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के गठबंधन ने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल में बीजेपी को कड़ी चुनौती दी थी. उस समय सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और अखिलेश यादव की जोड़ी ने क्षेत्र में प्रभावी प्रदर्शन किया था. हालांकि, ओम प्रकाश राजभर अब फिर से एनडीए के साथ जा चुके हैं और सपा पर लगातार निशाना साध रहे हैं. ऐसे में सपा को राजभर वोट बैंक साधने के लिए उस समाज से एक नेता की जरूरत थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'नोएडा में ह‍िंसक आंदोलन के ल‍िए उत्तर प्रदेश के सीएम और बीजेपी दोषी', अख‍िलेश यादव का वार

सीमा राजभर के जरिए पूर्वांचल साधेंगे अखिलेश?

माना जा रहा है कि सीमा राजभर की समाजवादी महिला सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नियुक्ति अखिलेश यादव की पीडीए रणनीति का हिस्सा है, जिससे पार्टी पूर्वांचल में नए सिरे से समीकरण साध सके. सीमा राजभर मूल रूप से बलिया की रहने वाली हैं और जमीनी स्तर की राजनीति से जुड़ी रही हैं.

उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत सुभासपा से की थी, जहां उन्हें महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया गया था. हालांकि, 2022 में उन्होंने ओम प्रकाश राजभर पर गंभीर आरोप लगाकर सुभासपा छोड़ दी थी और समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया. पूर्वांचल की राजनीति में अब उन्हें ओम प्रकाश राजभर की 'काट' के तौर पर देखा जा रहा है. सपा नेतृत्व को उम्मीद है कि सीमा राजभर के जरिए राजभर समाज के वोटरों को पार्टी की ओर आकर्षित किया जा सकेगा.

यह भी पढ़ें: 'कल बात हुई, अब संपर्क नहीं हो रहा', ईरान में फंसे उत्तर प्रदेश के कई लोग, परिवार को सता रही चिंता

वहीं, जूही सिंह को पार्टी में नई जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं हैं. वह लखनऊ पूर्वी विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ चुकी हैं और समाजवादी पार्टी के संगठन में उनका कद महत्वपूर्ण माना जाता है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सपा का यह कदम 2027 के चुनाव से पहले सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा है, जहां पार्टी हर वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement