कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंगलवार से रायबरेली में दो दिवसीय दौरे के साथ पार्टी के देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान को नई गति प्रदान देंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब कांग्रेस सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) में बदलाव कर लाए गए नए वीबी-जी राम जी एक्ट के खिलाफ सड़कों से लेकर गांवों तक जोरदार संघर्ष कर रही है.
राहुल गांधी ने रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में आयोजित मनरेगा चौपाल में ग्राम पंचायत कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों से संवाद स्थापित करेंगे. कांग्रेस का आरोप है कि नया कानून मनरेगा की 100 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी को कमजोर करता है और साथ ही पंचायतों की भूमिका को सीमित कर देता है. पार्टी का मानना है कि इससे ग्रामीण मजदूरों के रोजगार और उनके अधिकारों पर संकट आ जाएगा.
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह चौपाल उत्तर प्रदेश में गांव-गांव जाकर ग्रामीण मुद्दों को केंद्र में रखने की पार्टी की रणनीति का हिस्सा है. राहुल गांधी का रायबरेली संसदीय क्षेत्र है, इसलिए उनकी यहां लगातार उपस्थिति को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़ा जा रहा है.
राहुल गांधी रायबरेली पहुंचने से पहले कोच्चि में पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला कर चुके हैं. रायबरेली दौरे में भी उनका ध्यान ख़ास तौर से ग्रामीण मजदूरी, रोजगार की गारंटी और पंचायतों के अधिकारों पर रहा.
चौपाल से पहले राहुल गांधी आईआईटी कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में रायबरेली प्रीमियर लीग टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे.
कांग्रेस ने मनरेगा के समर्थन में 45 दिनों का संकल्प अभियान शुरू किया है, जिसमें जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यव्यापी प्रदर्शन और बड़े जनसमारोह होंगे. पार्टी का कहना है कि यह संघर्ष केवल एक योजना के लिए नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण भारत के अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा के लिए है.
मौसमी सिंह