प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में आज से 21 साल पहले बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की सड़क पर सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर लगा था. घटना को 21 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी स्वर्गीय राजू पाल की पत्नी पूजा पाल कहती हैं कि वह दर्द उनके दिल से उतर नहीं पाया है.
21 साल बाद न्याय, राजू पाल हत्याकांड के अपराधियों का अंत
दरअसल 26 जनवरी 2026 से ठीक 21 साल पहले, 25 जनवरी 2005 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की सड़क पर सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अपराधियों ने कई किलोमीटर तक राजू पाल पर गोलियां बरसाईं, जब तक उन्हें यकीन न हो गया कि विधायक की मौत हो चुकी है. इस हत्याकांड का मुख्य आरोप पूर्व सांसद फूलपुर अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ पर लगा था. घटना के बाद इलाके में कई दिनों तक हंगामा मचा रहा.
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रविवार को धूमनगंज में स्वर्गीय राजू पाल के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. जिसमें बीजेपी कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए. चायल की विधायक पूजा पाल समाधि स्थल पर पहुंचीं, जहां उन्होंने पुष्प अर्पित कर आरती की और दिवंगत पति को नमन किया. मौके पर राजू पाल के समर्थकों ने नारे लगाए. पूजा पाल ने भावुक होकर कहा कि "जिस बाहुबली से मैं लड़ रही थी, उससे लड़ना बहुत मुश्किल था. लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी. इस लड़ाई को जीत तक पहुंचाया. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुझे न्याय दिलाया.
ऐसा CM मिलना मुश्किल
पूजा पाल ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री मिलना मुश्किल है. मेरी जीत की असली वजह योगी जी हैं. 21 साल बाद इस मामले का रिजल्ट सामने आया है. आपको बता दें कि मुख्य आरोपी अतीक अहमद और अशरफ की हत्या हो चुकी है. जबकि हत्याकांड में शामिल ज्यादातर अपराधी कानूनी शिकंजे में फंस चुके हैं.
आनंद राज