सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में बुधवार को निधन हो गया है. प्रतीक बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश की महिला आयोग की अध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे. प्रतीक की तबीयत अचानक जब बिगड़ी तो ड्राइवर और स्टाफ ने उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
प्रतीक यादव की तबियत मंगलवार जब रात बिगड़ी, उस समय अपर्णा यादव असम के दौरे पर थीं. इतना ही नहीं बुधवार सुबह निधन की खबर भी उन्हें असम में ही मिली, जिसके बाद दोपहर दो बजे लखनऊ पहुंची. अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि प्रतीक का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ के बैकुंठ धाम में किया जाएगा.
राजनीति की पिच पर बड़ी-बड़ी चुनौतियों का डटकर सामना करने वाले लोग जब अपनों पर संकट देखते हैं, तो वो भी खबरा जाते हैं. प्रतीक यादव का निधन हुआ तो अपर्णा असम में थी. लखनऊ से 1600 किलोमीटर दूर अपर्णा को जब प्रतीक यादव की तबियत बिगड़ने का का पता चला तो उन्होंने सीधे ज्योतिषाचार्य से संपर्क किया था.
अपर्णा ने जब ज्योतिषाचार्य को फोन किया
मंगलवार देर रात अपर्णा यादव को पति की तबीयत खराब होने की जानकारी मिल गई थी. इसके बाद वह लगातार फोन के जरिए पति का हालचाल ले रही थीं. सूत्रों की मानें तो प्रतीक की हालत सुनते ही अपर्णा ने तुरंत अपने पारिवारिक ज्योतिषाचार्य से संपर्क साधा. बात सिर्फ फोन पर सलाह लेने तक नहीं रुकी, अपर्णा ने भावुक होते हुए ज्योतिषाचार्य से निवेदन किया कि वे तुरंत उनके घर जाएं.
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम अपर्णा यादव ने गुरुजी एस्ट्रोलॉजर को फोन कर कहा कि प्रतीक की तबियत ठीक नहीं है. इस तरह वो अपने पति प्रतीक यादव की स्थिति के बारे में ज्योतिचार्य से जानने के लिए कहा था. हालांकि, ज्योतिषाचार्य प्रतीक यादव को देखने खुद नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने स्टाफ से फोन पर बातचीत की. स्टाफ ने बताया कि प्रतीक यादव अपने कमरे में आराम कर रहे हैं. बाद में यह जानकारी उन्होंने अपर्णा यादव तक भी पहुंचाई थी.
बुधवार सुबह हुआ था प्रतीक का निधन
जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे प्रतीक यादव की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद ड्राइवर और स्टाफ की मदद से उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया. उनके करीबी सर्विस पांडे ने दावा किया कि वहां करीब एक घंटे तक इलाज चला, हालांकि सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने इस दावे से इनकार किया है. इसी दौरान रात करीब 1 बजे अपर्णा यादव ने फिर फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी.
अपर्णा ने स्टाफ से संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें बताया गया कि प्रतीक यादव सो चुके हैं.बुधवार सुबह करीब 5 बजे घरेलू नौकर ने प्रतीक यादव को कमरे में कोहनी के बल बेहोशी की हालत में पाया. इसके बाद उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सिविल अस्पताल के सीएमएस डीसी पांडे के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया था,लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी और आंखें भी स्थिर हो चुकी थीं. अस्पताल लाया गया तो उनका निधन हो चुक था.
लखनऊ से बाहर असम में थी अपर्णा
बताया जा रहा है कि अपर्णा यादव पिछले तीन-चार दिनों से लखनऊ से बाहर थीं. अपर्णा पहले गुजरात के सोमनाथ गईं, फिर वहीं से असम चली गई थीं. प्रतीक यादव के तबियत बिगड़ने से लेकर निधन तक की खबर उन्हें असम में मिली. पति के निधन की खबर मिलने के बाद अपर्णा बुधवार दोपहर के करीब 2 बजे लखनऊ पहुंची.
प्रतीक यादव के तबियत बिगड़ने से निधन तक घर पर उनकी दोनों बेटियां प्रथमा और प्रतिक्षा के अलावा एक नौकर ही था. हालांकि, बाहर सुरक्षा गार्ड तैनात थे. अपर्णा यादव असम में थीं और परिवार के अन्य सदस्य भी घर पर नहीं थे.
आशीष श्रीवास्तव