समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया. उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रतीक यादव के निधन पर उनके बड़े भाई और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सपा और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया. प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार आज यानी 14 मई को किया जाना तय है. बैकुंठधाम (भैंसाकुंड) में प्रतीक यादव की अंत्येष्टि की जाएगी. इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
'गंभीर हो गई थी प्रतीक की बीमारी'
इस बीच प्रतीक यादव का मेदांता अस्पताल में इलाज करने वाली डॉक्टर रुचिका शर्मा ने उनके आखिरी समय के हालात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रतीक की पलमोनरी एंबॉलिज्म नाम की की बीमारी बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंची हुई थी, वह ब्लड थिनर पर चल रहे थे और उनकी बीमारी की गंभीरता के बारे में उन्हें बताया भी गया था.
उन्होंने आजतक के बातचीत में कहा- प्रतीक यादव पलमोनरी एंबॉलिज्म नाम की बीमारी से जूझ रहे थे और जब 29 अप्रैल को मेरे पास वह आए थे तब बहुत गंभीर स्थिति थी. यह बीमारी प्रतीक यादव में एक्यूट स्तर पर पहुंच चुकी थी. इस बीमारी में रक्त धमनियों में खून का थक्का जमता है, और फिर हार्ट को पूरी तरीके से ब्लॉक कर देता है. प्रतीक यादव लगातार ब्लड थिनर पर थे लेकिन अचानक उनकी बीमारी ऐसी बढ़ जाएगी हमें अंदाजा नहीं था.
'चोट लगने की उनकी पुरानी हिस्ट्री है, मैं जानती हूं'
डॉक्टर ने आगे बताया- 29 अप्रैल को जब आए थे तब बाथरूम में गिर गए थे, वह चोट उनको थी. इसके अलावा मंगलवार को भी वह किचन में गिरे थे, वह भी चोट रही होगी और जब आदमी इस बीमारी से गुजरता है तो अचानक कई बार वह गिरता है जिसमें चोट लगती है.
मुझे लगता है कि जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है वह उनकी बीमारी की हिस्ट्री से पूरी तरीके से मैच कर रहा है. मैं पिछले 6 साल से उनकी ट्रीटिंग डॉक्टर हूं. बीते 2 साल से वह इस बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में उनकी यह बीमारी काफी बढ़ गई थी और उन्हें यह हिदायत भी दी गई थी कि वह इसके बेहतर इलाज के लिए जाएं.
कुमार अभिषेक