शांतिपूर्ण प्रदर्शन को 'बाहरी' लोगों ने बनाया हिंसक... नोएडा पुलिस कमिश्नर का बयान; 7 FIR दर्ज

नोएडा में सोमवार को हजारों कामगारों के जमावड़े के बाद भड़की हिंसा में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद बाहरी समूहों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद सात मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस अब सीसीटीवी और सर्विलांस के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है.

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 हाईटेक सिटी नोएडा में हंगामा होने की वजह से पुलिस की कमी और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं (Photo: PTI) हाईटेक सिटी नोएडा में हंगामा होने की वजह से पुलिस की कमी और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नोएडा ,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST

गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट के 80 से अधिक स्थानों पर सोमवार को करीब 45,000 श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. सेक्टर-63 और मदरसन कंपनी के पास 'बाहरी' तत्वों ने शांतिपूर्ण भीड़ को उकसाकर आगजनी और हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने धैर्य बरतते हुए स्थिति को संभाला और हिंसा भड़काने वाले कई असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया. श्रमिकों की पांच में से चार मांगें मान ली गई हैं, जबकि बाकी मुद्दों के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है.

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शांतिपूर्ण प्रदर्शन को 'बाहरी' लोगों ने बनाया हिंसक

पुलिस के अनुसार, दिनभर कामगारों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा था. लेकिन जैसे ही मजदूर वहां से हटे, पड़ोसी जिलों से आए कुछ बाहरी समूहों ने सीमावर्ती इलाकों में तनाव पैदा करना शुरू कर दिया. 

इन लोगों ने भीड़ को उकसाया और अशांति फैलाने की कोशिश की. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने साफ किया कि इन तत्वों की पहचान की जा रही है और कुछ को हिरासत में भी ले लिया गया है.

सेक्टर-63 में आगजनी और पुलिस की कार्रवाई

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-63 और मदरसन कंपनी के आसपास स्थिति काफी गंभीर हो गई थी. यहां उपद्रवी तत्वों ने न केवल ट्रैफिक रोका, बल्कि आगजनी जैसी घटनाओं को भी अंजाम दिया. पुलिस, फायर सर्विस और जोनल टीमों ने मिलकर त्वरित कार्रवाई की. पुलिस ने बताया कि उन्होंने बेहद कम बल का प्रयोग करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को समझाने-बुझाने को प्राथमिकता दी.

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श्रमिकों की मांगों पर बनी सहमति

प्रशासन और श्रमिकों के बीच बातचीत के बाद पांच में से चार मांगों को स्वीकार कर लिया गया है. बची हुई एक मांग पर विचार करने के लिए कमेटी बना दी गई है, जिसकी पहली बैठक भी संपन्न हो चुकी है. पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें. फिलहाल पूरे जिले में शांति है और संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन और सर्विलांस से नजर रखी जा रही है.

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का बयान

'सुबह 5 बजे से लगातार रूट मार्च किए जा रहे हैं.  आज सुबह तीन जगहों पर मज़दूर इकट्ठा हुए थे, और उनसे तुरंत बातचीत करने के बाद पंद्रह मिनट के अंदर ही उन्हें तितर-बितर कर दिया गया. एक उच्च-स्तरीय समिति, जो कल से यहां मौजूद है, उसने सभी संबंधित पक्षों के साथ डिटेल और लंबी बैठकें कीं, और कुछ सिफारिशें कीं. वे सुबह 11:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस दिशा में कुछ घोषणाएं करेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार मज़दूरों की समस्याओं को समझती है, उनके प्रति सहानुभूति रखती है, और उनकी सभी समस्याओं को हल करने के लिए तैयार है. मैं सभी मज़दूरों से अपील करती हूं कि वे अपनी फ़ैक्टरियों में काम पर लौट आएँ और गौतम बुद्ध नगर ज़िले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें..."

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बकौल कमिश्नर- "...पिछले दो दिनों में ऐसे कई WhatsApp ग्रुप बनाए गए हैं, जहां मज़दूरों को QR कोड स्कैन करवाकर ग्रुप में जोड़ा जा रहा है. इससे पता चलता है कि पर्दे के पीछे एक सुनियोजित, संगठित गिरोह काम कर रहा है. हमने भीड़ में से ऐसे कुछ तत्वों की पहचान करके उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है, और भविष्य में भी हम उनकी गिरफ़्तारी सुनिश्चित करेंगे. उनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी, और अगर यह पाया जाता है कि उन्हें देश या राज्य के बाहर से फंडिंग मिली है, तो उस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी. कल, हमने अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं के संबंध में 7 FIR दर्ज की हैं. 300 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. उन्हें उकसाने वाले कुछ लोगों को भी गिरफ़्तार किया गया है, और आने वाले दिनों में और भी गिरफ़्तारियां की जाएंगी."

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