खेत में बिछ गईं लाशें: लखीमपुर में एक साथ 25 गिद्धों की मौत से हड़कंप, सामने आई ये वजह

Lakhimpur Kheri Vultures: यूपी के लखीमपुर खीरी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक साथ 25 गिद्धों की मौत हो गई. बकरियों को बचाने के लिए कुत्तों को दिए गए जहरीले चावल ने न केवल शिकारी कुत्ते की जान ली, बल्कि उस मरे हुए कुत्ते को खाने वाले गिद्धों के पूरे झुंड को भी खत्म कर दिया.

Advertisement
लुप्तप्राय प्रजाति है गिद्ध (Photo- ITG) लुप्तप्राय प्रजाति है गिद्ध (Photo- ITG)

कुमार अभिषेक / अभिषेक वर्मा

  • लखीमपुर खीरी,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र स्थित सेमरिया गांव में मंगलवार को एक खेत में मरा हुआ कुत्ता खाने से लुप्तप्राय प्रजाति के 25 गिद्धों की मौत हो गई. गांव वालों ने बकरियों पर हमला करने वाले हिंसक कुत्तों को मारने के लिए चावल में कीटनाशक (पेस्टीसाइड) मिलाकर खिलाया था. इस जहरीले भोजन को खाकर एक कुत्ते की मौत हुई, जिसे खाने के लिए गिद्धों का झुंड वहां पहुंचा. जहर इतना घातक था कि कुत्ते का मांस खाते ही 25 गिद्धों ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि 5 गिद्धों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. वन विभाग ने सभी शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

Advertisement

सालों बाद दिखे थे इतने गिद्ध

सेमरिया गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने सालों से एक साथ इतने गिद्धों का झुंड नहीं देखा था. जब शुरुआत में तकरीबन 40 गिद्ध वहां कुत्ते का शव खाने जुटे, तो ग्रामीण उन्हें देखकर खुश थे. लेकिन कुछ ही देर में यह खुशी मातम में बदल गई. ग्रामीणों के सामने ही एक-एक कर गिद्ध तड़पने लगे और देखते ही देखते खेत में गिद्धों की लाशों का ढेर लग गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 25 गिद्धों ने तुरंत दम तोड़ दिया.

बकरियों को बचाने की सनक ने ली जान

दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की डीएफओ कीर्ति चौधरी ने बताया कि किसान अपनी बकरियों और खेतों में आने वाले जानवरों से परेशान था. उसने चावल में पेस्टीसाइड मिलाकर कुत्तों के लिए रखा था. इसे खाकर जिस कुत्ते की मौत हुई, वह गिद्धों के लिए काल बन गया.वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृत गिद्धों का पोस्टमार्टम कराया है. अधिकारियों के मुताबिक, जहर के असर की सटीक पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित कर आईवीआरआई (IVRI) बरेली भेजा जा रहा है.

Advertisement

पर्यावरणविदों और वन विभाग में हड़कंप

गिद्धों की यह मौत पर्यावरण के लिए किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है. गिद्ध पहले से ही लुप्तप्राय श्रेणी में हैं और सरकार टाइगर रिजर्व के पास सेंचुरी बनाकर उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है. ऐसे में एक ही स्थान पर 25 गिद्धों का मरना संरक्षण प्रयासों को बड़ा झटका है. फिलहाल, 5 गंभीर रूप से बीमार गिद्धों को बचाने की कोशिश की जा रही है. वन विभाग इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी देख रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement