कानपुर पुलिस के एक सिपाही ने महकमे को शर्मसार करने वाला काम किया. उसने गरीब ठेले वाले से आइसक्रीम और गोलगप्पे खाकर पैसे नहीं दिए. जैसे ही घटना का वीडियो सामने आया और शिकायत प्राप्त हुई, फौरन अधिकारी ने उसे सस्पेंड कर दिया. आइये जानते हैं पूरा मामला...
आपको बता दें कि डायल-112 में तैनात पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) संख्या 9303 के एक कांस्टेबल को स्थानीय दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों से मुफ्त में खाने-पीने का वसूलने के आरोप में निलंबित कर दिया है. व्यापारियों के एक संगठन ने ड्यूटी के दौरान वाहन के भीतर पुलिसकर्मी को मुफ्त की आइसक्रीम खाते हुए कैमरे में कैद किया था.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और वरिष्ठ अधिकारियों के पास औपचारिक शिकायत पहुंचने के बाद यह कार्रवाई की गई. व्यापारियों का आरोप है कि इलाके में खड़ी होने वाली इस पीआरवी के कर्मी अक्सर पास के ठेले से मुफ्त आइसक्रीम और गोलगप्पे मांगते थे. इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) आनंद कुमार झा ने जांच के आदेश दिए, जिसमें आरोप शुरुआती तौर पर सही पाए गए.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब व्यापारी संघ के सदस्यों ने पीआरवी चालक को ड्यूटी के दौरान आइसक्रीम खाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया और उसका वीडियो बना लिया. व्यापारियों का दावा है कि उन्होंने इस पूरी हरकत को अपने कैमरों में रिकॉर्ड किया, जिसे बाद में ऑनलाइन वायरल कर दिया गया. वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मामले की सुध ली.
एसीपी ने की निलंबन की पुष्टि
एसीपी आनंद कुमार झा ने कांस्टेबल के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी पर दुकानदारों से मुफ्त सामान मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। प्राथमिक जांच में शिकायत के तथ्यों में सच्चाई पाए जाने के बाद आरोपी कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
घाटांपुर एसीपी को सौंपी गई जांच
विभाग अब इस मामले को पूरी तरह से साफ करने की कोशिश में जुटा है. एसीपी झा ने आगे बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और विस्तृत जांच अब घाटांपुर के एसीपी को सौंप दी गई है. अंतिम जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
रंजय सिंह