कानपुर में अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ चलाए गए बड़े अभियान में पुलिस को अहम सफलता मिली है. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली कई शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया, जिसमें 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मोबाइल फोन, म्यूल बैंक खातों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था. आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बताकर योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देते थे और इस तरीके से सैकड़ों लोगों से ठगी की गई. इस गिरोह के खिलाफ कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों से भी शिकायतें सामने आई थीं.
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फिल्मी स्टाइल में चलाया अभियान
जांच के दौरान पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर पाया कि साइबर फ्रॉड का नेटवर्क कानपुर के दक्षिण क्षेत्र खासकर घाटमपुर के रैना गांव और आसपास के इलाकों से संचालित हो रहा था. इसके बाद पुलिस ने सभी चिन्हित स्थानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बल के साथ गांव को चारों ओर से घेर लिया और सघन तलाशी अभियान चलाया.
गिरोह से हो सकते हैं कई बड़े खुलासे
छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह की कार्यप्रणाली जामताड़ा जैसे कुख्यात साइबर ठगी नेटवर्क से मिलती-जुलती है. फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है. पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के विस्तार को लेकर और अहम जानकारियां सामने आएंगी.
सिमर चावला