Uttar Pradesh News: झांसी के मऊरानीपुर थाना पुलिस ने 7 मार्च को हुए सतीश श्रीवास हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है. पुलिस ने 9 और 10 मार्च की दरमियानी रात ग्रामोदय ब्रिज के पास घेराबंदी कर 20-20 हजार रुपये के तीन इनामी आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों में महफूज पठान, मेहराज पठान और उनका दोस्त अर्जुन सोनकर शामिल हैं. इन युवकों ने सरस्वती शिशु मंदिर के पास सतीश की गोली मारकर हत्या कर दी थी क्योंकि वे अपनी मौसी के साथ सतीश के प्रेम संबंधों और समाज में हो रही बदनामी से नाराज थे. पुलिस ने इनके पास से अवैध तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की है.
बदनामी का बदला लेने के लिए किया कत्ल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सतीश श्रीवास का उनकी मौसी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. एक ही मोहल्ले में रहने के कारण इलाके में इस बात की काफी चर्चा होने लगी थी. इस रिश्ते की वजह से आरोपी खुद को समाज में अपमानित महसूस कर रहे थे.
इसी नाराजगी के चलते उन्होंने अचानक सतीश को रास्ते से हटाने का मन बनाया. वारदात के दिन तीनों आरोपियों ने बाइक से पीछा किया और मौका पाकर सतीश को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश
सीओ मऊरानीपुर जितेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी बरियाबेर चौराहे के रास्ते मध्य प्रदेश भागने की फिराक में हैं. चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी की और तीनों को पकड़ लिया. पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी उस महिला को नहीं थी जिसके साथ मृतक के संबंध बताए जा रहे हैं.
आरोपियों के कब्जे से ये सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 12 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा और काले रंग की मोटरसाइकिल बरामद की है. पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ हत्या, पुलिस टीम पर हमला और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है. पूर्व पार्षद के बेटे की हत्या के इस खुलासे के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. फिलहाल पुलिस इस मामले में अन्य कानूनी पहलुओं की भी गंभीरता से जांच कर रही है.
अजय झा