राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद देशभर में 1 लाख करोड़ का कारोबार, IIM लखनऊ की स्टडी में खुलासा

IIM लखनऊ की केस स्टडी में सामने आया है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आया है. पर्यटन, निवेश, रोजगार और कर राजस्व में तेजी से वृद्धि हुई है. हर दिन लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्रों को नई गति मिली है.

Advertisement
अयोध्या राम मंदिर. (File Photo: ITG) अयोध्या राम मंदिर. (File Photo: ITG)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ ,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:09 PM IST

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है. IIM लखनऊ की एक केस स्टडी में यह सामने आया है कि मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या की पहचान मुख्य रूप से एक पवित्र तीर्थस्थान तक सीमित थी, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां आर्थिक गतिविधियों में अभूतपूर्व उछाल आया है.

स्टडी में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार पर्यटन, निवेश, रोजगार और राजस्व में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई है. अनुमान है कि पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व 20 से 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.

Advertisement

अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल

आतिथ्य, निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं. स्टडी के मुताबिक अगले 4 से 5 वर्षों में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का अनुमान है. राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापारिक कारोबार हुआ, जिसमें अयोध्या की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही. हर दिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से होटल और उससे जुड़े उद्योगों को नई गति मिली है. अयोध्या में 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित हुए हैं. बड़े होटल चेंस भी राम नगरी में विस्तार कर रहे हैं. ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है.

राम मंदिर से देशभर में 1 लाख करोड़ का कारोबार

स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में तेज उछाल आया है, जिससे कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है. करीब 6 हजार एमएसएमई भी स्थापित हुए हैं. छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की दैनिक आय ढाई हजार रुपये तक पहुंचने की बात स्टडी में कही गई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement