यूपी के फतेहपुर में मकबरे को लेकर बढ़ा बवाल, मंदिर बताकर पूजा करने पहुंचे हिंदू संगठनों ने की तोड़फोड़

यह पूरा विवाद शिव मंदिर बनाम मकबरे को लेकर है. हिंदू संगठनों ने मकबरे के शिव और श्रीकृष्ण मंदिर होने का दावा किया है. मौके पर फिलहाल हिंदू संगठन के लोगों की भारी भीड़ जमा हो चुकी है. हिंदू संगठन के लोग मकबरे में पूजा-पाठ करने के लिए यहां पहुंचे हैं.

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फतेहपुर में मकबरा तोड़ने पहुंचे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता फतेहपुर में मकबरा तोड़ने पहुंचे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता

नीतेश श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 11 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में नबाव अब्दुल समद के मकबरे को लेकर बवाल काफी बढ़ गया है. हिंदू संगठन सोमवार को उस मकबरे को तोड़ने पहुंचे हैं और उनका दावा है कि इस जगह पर हजारों साल पहले भगवान शिव और श्रीकृष्ण का मंदिर था. हालांकि प्रशासन ने मकबरे की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाई थी, लेकिन भीड़ के सामने सारे इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं. 

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मकबरे की जगह था शिव मंदिर?

यह पूरा विवाद शिव मंदिर और मकबरे को लेकर है. हिंदू संगठनों ने मकबरे के शिव और श्रीकृष्ण मंदिर होने का दावा किया है. मौके पर फिलहाल हिंदू संगठन के लोगों की भारी भीड़ जमा हो चुकी है. हिंदू संगठन के लोग मकबरे में पूजा-पाठ करने के लिए यहां जुटे हैं. प्रशासन इन लोगों को रोकने की कोशिश में लगा हुआ है, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से सफलता नहीं मिली है. 

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मकबरे में बनी मजार पर तोड़फोड़

सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने मंदिर बताया था और इसी दावे के बाद से विवाद की शुरुआत हो गई. उन्होंने इस मकबरे को एक हज़ार साल पुराना ठाकुर जी और शिवजी का मंदिर बताया था. मंदिर के स्वरूप को बदलकर मकबरा बनाने का आरोप लगाया गया है. 

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हिंदू संगठनों ने मकबरे में कमल का फूल और त्रिशूल के निशान को मंदिर होने का सबूत बताया है. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मंदिर में पूजा करने दें क्योंकि यह  हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. उसे मकबरे में बदलकर आस्था को ठेस पहुंचाई गई है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि सनातन हिंदू ऐसा बर्दाश्त नहीं करेंगे और वहां कुछ भी होता है तो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी.

जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लिया है और फिलहाल मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद है. मकबरा परिसर में हिंदू संगठन के लोग घुस चुके हैं और वहां बनी मजार पर तोड़फोड़ की गई है. इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हुई है.

मुस्लिम पक्ष की तरफ से पथराव

मकबरा परिसर में बनी मजार को हिंदू संगठनों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है. मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर जमा हो चुके हैं और दूसरी तरफ से पथराव भी हुआ है. इसके बाद डीएम और पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और कानून व्यवस्था बनाने की कोशिश में जुटे हैं.

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दूसरी तरफ राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के सचिव मोहम्मद नसीम ने कहा कि यह घटना बहुत निंदनीय है. उन्होंने कहा कि अब्दुल समद मकबरा सदियों पुराना है, जो सरकारी दस्तावेज में भी 753 नंबर खतौनी में दर्ज है. नसीम ने कहा कि फतेहपुर का माहौल खराब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्या अब हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा, यह लोकतंत्र नहीं है राजतंत्र है.

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