उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक सरकारी कन्या उत्तर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की शर्मनाक करतूत सामने आई है. यहां छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा की छात्राओं ने स्कूल में तैनात इंचार्ज शिक्षक पर आपत्तिजनक व्यवहार, बैड टच, अश्लील भाषा का प्रयोग और अश्लील ऑफर देने के गंभीर आरोप लगाए हैं. अपने अध्यापक की करतूत से पीड़ित दो छात्राओं ने अपने घरवालों को इसकी जानकारी दी. जिसके बाद दो सगी बहनों के पिता ने खंड शिक्षा अधिकारी से मामले की शिकायत की. वहीं प्रकरण की जांच की गई तो जांच के दौरान कई अन्य बालिकाओं ने बैड टच के आरोप लगाए.
छात्राओं से टीचर बोला, नहा कर आई हो तो चुम्मा दे दो
जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने विद्यालय के इंचार्ज शिक्षक को निलंबित कर दिया है. जानकारी के अनुसार माधोगंज विकास खंड में एक कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात इंचार्ज शिक्षक योगेश कुमार के खिलाफ स्कूल की दो छात्राओं के परिजनों ने लिखित शिकायत दी थी. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया की टीचर ने उनकी बेटी से पूछा कि नहा कर आई हो? इस पर जब बेटी ने कहा हां, तो टीचर ने कहा कि चुम्मा दे दो.
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इस शिकायत के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर जांच की और छात्राओं के लिखित व मौखिक बयान दर्ज किए. जांच के दौरान विद्यालय की महिला सहायक अध्यापक की मौजूदगी में पांच छात्राओं के बयान दर्ज किए गए. कक्षा 8 की छात्रा ने कहा कि सर ने मुझे कक्षा में सबके सामने अपनी गोद में बैठा लिया था. इसके बाद मेरी कमर पकड़कर दबाया और मेरी नाभि में उंगली डाल दी. वहीं एक कक्षा 6 की छात्रा ने कहा कि सर ने मेरी कमर पकड़कर दबा दी थी. जबकि कक्षा 8 की एक छात्रा ने बताया कि सर ने मेरे गाल पर टच किया था, उस समय कक्षा में कोई नहीं था.
शिक्षक के खिलाफ बैड टच, अश्लील बातें और आपत्तिजनक व्यवहार की पुष्टि होने के बाद आरोपी शिक्षक योगेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन के बाद उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है. प्रकरण की गहन जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी बिलग्राम और खंड शिक्षा अधिकारी पिहानी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है, जो पूरे मामले की छानबीन करेगी.
प्रभारी बीएसए ने क्या कहा?
प्रभारी बीएसए प्रभास कुंवर श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर ही शिक्षक को निलंबित किया गया है. सरकारी स्कूल में हुई यह घटना शिक्षा के मंदिर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है. शिक्षक के खिलाफ स्कूल की छात्राओं ने बैड टच का आरोप लगाया था. जिसके बाद मामले की जांच कराई गई थी और शिक्षक को दोषी पाया गया था.
प्रशांत पाठक