ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. सेक्टर-150 स्थित एटीएस ली ग्रैंडियोस सोसाइटी के पास टी-प्वाइंट पर उनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे गहरे बेसमेंट में जा गिरी.
हादसे की सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. करीब साढ़े चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को 30 फीट गहरे पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक की पहचान टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी युवराज मेहता के रूप में हुई है. वह गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित डनहमबी इंडिया कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और वर्क फ्रॉम होम के साथ बीच-बीच में ऑफिस जाता था.
घर से 500 मीटर पहले हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात युवराज ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से घर लौट रहा था. घर से महज 500 मीटर पहले, घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण उसकी कार नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से लबालब भरे बेसमेंट में जा गिरी. ज्यादा पानी होने के कारण कार पलटने के बाद तैरने लगी.
युवराज किसी तरह कार से बाहर निकला और अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर हादसे की जानकारी दी. पिता ने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी और खुद भी मौके पर पहुंचे.
कार की छत पर खड़ा होकर मांगता रहा मदद
रेस्क्यू के दौरान युवराज कई बार कार की छत पर खड़ा होकर टॉर्च जलाकर अपने जिंदा होने का संकेत देता रहा और ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाता रहा. लेकिन अंधेरा, घना कोहरा, ठंडा पानी और निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के खतरे के चलते पुलिस और दमकलकर्मी पानी में उतरने का जोखिम नहीं उठा सके.
दमकल विभाग ने छोटी और बड़ी क्रेन लगाकर युवक को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. रात करीब 1:45 बजे, युवराज कार समेत गहरे पानी में डूब गया.
NDRF ने निकाला, तब तक देर हो चुकी थी
कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जरूरी संसाधन नहीं होने के कारण कामयाबी नहीं मिल सकी. इसके बाद गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ टीम ने करीब ढाई घंटे तक ऑपरेशन चलाया. स्टीमर और टॉर्च की मदद से युवराज को पानी से बाहर निकाला गया.
उसे बेहोशी की हालत में कैलाश अस्पताल, नॉलेज पार्क ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके पर मौजूद पिता, रिश्तेदार, गांव के लोग और डिलीवरी ब्वॉय ने रेस्क्यू में देरी का आरोप लगाया.
पिता ने लगाया नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप
पीड़ित पिता राजकुमार मेहता एसबीआई से निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं. उन्होंने नॉलेज पार्क कोतवाली में दी तहरीर में कहा कि नाले के आसपास न बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड. उन्होंने बताया कि सेक्टर-150 के निवासी पहले भी कई बार नोएडा प्राधिकरण से सुरक्षा इंतजामों की मांग कर चुके थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी लापरवाही के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं.
पुलिस ने क्या कहा...
नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और कोहरे के कारण वाहन से नियंत्रण खोना प्रतीत होता है. मृतक के पिता की तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है.
अरुण त्यागी