ग्रेटर नोएडा में नशे का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 102 किलो गांजा बरामद

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से करीब 102-103 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है. यह गांजा ओडिशा से लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जा रहा था.

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तस्करी के आरोप में तीन गिरफ्तार  (Photo: Screengrab) तस्करी के आरोप में तीन गिरफ्तार (Photo: Screengrab)

अरुण त्यागी

  • ग्रेटर नोएडा,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST

यूपी के ग्रेटर नोएडा में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से करीब 102 से 103 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है. यह गांजा ओडिशा से लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता था और कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज तक पहुंचाया जा रहा था.

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मामला नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र का है. जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत पुलिस एक्सपो मार्ट के पास चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को एक पीली नंबर प्लेट की एक्सेंट कार आती दिखाई दी. जब पुलिस ने वाहन को रोककर चेकिंग करनी चाही तो कार सवार घबरा गए, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया.

एक्सपो मार्ट के पास कार से मिला गांजा

पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनकी पहचान नोएडा निवासी रिंकू यादव, अभिषेक कुमार और गाजियाबाद निवासी संदीप साहू के रूप में हुई है. पुलिस ने इस मामले में घटना में प्रयुक्त वाहन को भी बरामद कर लिया है.

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एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी शातिर किस्म के गांजा तस्कर हैं. ये लोग ओडिशा से ट्रक किराए पर लेकर गांजा लाते थे और एनसीआर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर किराए के कमरे लेकर उसमें गांजा स्टोर करते थे. इसके बाद दिन के समय टैक्सी किराए पर लेकर गांजा अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था.

 दिल्ली- NCR तक नेटवर्क, यूनिवर्सिटी में होती थी सप्लाई

पुलिस के अनुसार, यह गांजा नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई यूनिवर्सिटीज तक भी पहुंचाया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा है.

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अभियान को और तेज किया गया है.
 

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