वाराणसी में गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले युवकों को जेल भेज दिया गया है. इस बीच बीजेपी युवा मोर्चा के नेता और शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी मिली है. इसको लेकर युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल, नाव संचालकों और हिंदू पक्ष के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई हैं.
आपको बता दें कि वाराणसी की गंगा नदी में नाव पर सवार होकर 14 मुस्लिम युवकों ने रमजान के दौरान इफ्तार पार्टी की और मां गंगा में हड्डियां फेंकी थी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मार्च 2026 में ACJM 9 अमित कुमार यादव की कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और नाविकों को धमकाने के आरोपों को देखते हुए सभी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया.
आरोपियों को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने भेजा जेल
कोर्ट में पेशी के दौरान सभी 14 आरोपी मुस्लिम युवक रोते हुए नजर आए और उन्होंने कान पकड़कर माफी भी मांगी. हालांकि, पुलिस द्वारा IT एक्ट की धारा 67 के साथ-साथ BNS 365 और 308(5) जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाए जाने के कारण अदालत ने उन्हें जमानत नहीं दी. जज ने आरोपियों की क्रिमिनल हिस्ट्री तलब की है, जिस पर 23 मार्च 2026 को सुनवाई होगी. फिलहाल मो. अव्वल, आजाद अली और उनके साथियों को 1 अप्रैल तक जेल में ही रहना होगा.
BJP नेता को मिली जान से मारने की धमकी
इस मामले के मुख्य शिकायतकर्ता रजत जायसवाल ने सिगरा थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. उन्हें इंटरनेशनल नंबरों और ईमेल के जरिए जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. रजत के अनुसार, फोन करने वाला व्यक्ति पंजाबी भाषा में बात कर रहा था और भद्दी गालियां दे रहा था. इस संबंध में उन्होंने डीसीपी काशी गौरव बंसवाल को सूचित किया है. रजत का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग ही उन्हें निशाना बना रहे हैं.
नाविकों के अपहरण और सनातन के अपमान का आरोप
हिंदू पक्ष के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों ने नाविक अनिल और रंजन साहनी की इच्छा के विरुद्ध नाव ले जाकर उन्हें धमकाया और अपहरण किया.वीडियो में बिंदु माधव मंदिर को भी टारगेट किया गया था. वकील ने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर में उन्हें भी 'देख लेने' की धमकी दी गई है. उन्होंने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे मां गंगा और सनातन धर्म के सम्मान की जीत बताया है.
रोशन जायसवाल