VIDEO: सीएम योगी की रैली के दौरान 'टल्ली' हुए दारोगा जी, जमीन पर लोटते दिखे; सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम के दौरान एक दारोगा की शर्मनाक करतूत सामने आई है. ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन कर जमीन पर लोटते दारोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. एसएसपी ने तत्काल कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है.

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दारोगा चौबे सिंह का वीडियो वायरल (Photo- Screengrab) दारोगा चौबे सिंह का वीडियो वायरल (Photo- Screengrab)

संदीप सैनी

  • मुजफ्फरनगर ,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:15 PM IST

Uttar Pradesh News: मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी की संयुक्त रैली के दौरान फुगाना थाने में तैनात उप-निरीक्षक चौबे सिंह ने शराब के नशे में जमकर हंगामा किया. दारोगा की ड्यूटी वीआईपी कार्यक्रम की सुरक्षा में लगाई गई थी, लेकिन वह अपने ड्यूटी पॉइंट पर पहुंचने के बजाय तहसील कंपाउंड में शराब के नशे में जमीन पर गिरे मिले. 

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स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दारोगा को सड़क से उठाया और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा. एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस अनुशासनहीनता का संज्ञान लेते हुए दरोगा को तुरंत निलंबित कर दिया है.

ड्यूटी छोड़ शराब के नशे में हुए चूर

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. फुगाना थाने से दारोगा चौबे सिंह की रवानगी वीआईपी ड्यूटी के लिए की गई थी. हालांकि, दारोगा अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय शराब के नशे में इतने डूब गए कि वह होश खो बैठे. तहसील परिसर में उन्हें बेसुध पड़ा देख लोगों ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुलिसकर्मियों को ही उन्हें संभालकर अस्पताल ले जाना पड़ा.

एसएसपी ने तत्काल किया सस्पेंड

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही विभाग की जमकर किरकिरी हुई. मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए दारोगा चौबे सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. एसएसपी ने दरोगा के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं. सीओ फुगाना यतेंद्र नागर ने पुष्टि की है कि दारोगा का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

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विभाग की हुई किरकिरी

सीओ यतेंद्र नागर ने बताया कि उप-निरीक्षक को वीआईपी ड्यूटी के लिए रवाना किया गया था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे. ड्यूटी के दौरान इस तरह का व्यवहार पुलिस की छवि को धूमिल करता है. पुलिस अब इस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. 

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