Uttar Pradesh News: चंदौली जिले के सदर तहसील अंतर्गत बनौली खुर्द गांव में बुधवार देर रात निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का स्लैब ढलाई के दौरान गिर गया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-गया रेल रूट पर सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य के समय अचानक शटरिंग डिसबैलेंस होने से पूरा ढांचा ढह गया. घटना के वक्त वहां मौजूद मजदूर खतरे को भांपकर भाग निकले, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. अब जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और एसपी आदित्य लांगहे ने मौके का निरीक्षण कर सेतु निगम के खिलाफ एफआईआर, जेई को सस्पेंड और प्रोजेक्ट मैनेजर पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
लापरवाही पर डीएम का हंटर, FIR के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कार्यदायी संस्था सेतु निगम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही संबंधित जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर और एई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. डीएम ने इस पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर से कराने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.
मजदूरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
ठेकेदार प्रदीप कुमार के अनुसार, रात में ढलाई के दौरान नीचे लगी शटरिंग अचानक बैठ गई. पास के खेतों में पानी भरे होने के कारण जमीन नरम हो गई थी, जिससे शटरिंग का संतुलन बिगड़ गया. जब स्लैब धीरे-धीरे नीचे आने लगा, तो वहां काम कर रहे मजदूरों ने देख लिया और तुरंत वहां से भाग खड़े हुए. इस वजह से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. हालांकि, इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
विपक्ष ने सरकार को घेरा, ट्वीट कर साधा निशाना
इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस ने इस हादसे की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर ट्वीट कर सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है. विपक्ष ने निर्माणाधीन पुल के गिरने को भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का नमूना बताया है. फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
उदय गुप्ता