बरेली: भीम आर्मी ने अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ मोर्चा खोला, बर्खास्तगी और संपत्ति जांच की मांग

बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ भीम आर्मी ने मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया. संगठन ने उन पर जातिवादी मानसिकता, पद के दुरुपयोग और बाबा साहब की तस्वीर न लगाने का आरोप लगाया है. भीम आर्मी ने अग्निहोत्री की बर्खास्तगी और उनकी संपत्तियों की जांच की मांग की है.

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अलंकार अग्निहोत्री (Photo- ITG) अलंकार अग्निहोत्री (Photo- ITG)

कृष्ण गोपाल राज

  • बरेली ,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:21 PM IST

यूपी के बरेली में निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ भीम आर्मी ने प्रदर्शन किया. अग्निहोत्री ने नए यूजीसी नियमों का विरोध किया था और फिर इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, अब भीम आर्मी ने यूजीसी के समर्थन में कलेक्ट्रेट गेट पर जमा होकर नारेबाजी की. साथ ही अलंकार अग्निहोत्री की बर्खास्तगी की और संपत्ति जांच की मांग उठाई.

गौरतलब है कि बरेली में निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में जहां ब्राह्मण समाज के लोग जुटे थे, वहीं अब भीम आर्मी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. गुरुवार को भीम आर्मी, भारत एकता मिशन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर अग्निहोत्री को नौकरी से बाहर करने और उनकी प्रॉपर्टी की जांच करने की मांग की. पदाधिकारियों ने कहा कि उनके कार्यकाल में हुए कथित घोटाले की जांच हो. 

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भीम आर्मी ने आरोप लगाया कि अलंकार अग्निहोत्री ने पद पर रहते समय जातिवादी मानसिकता के साथ काम किया. उनके ऑफिस में संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर का चित्र तक नहीं लगाया था. आपत्ति के बावजूद भी उन्होंने कभी सुध नहीं ली. उनके कार्यकाल में एक जाति विशेष के उत्थान और उनके लाभ के लिए ही चर्चा होती थी. वह सरकारी कार्यालय को अपने निजी कार्यालय की तरह इस्तेमाल करते थे और अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर सिर्फ समाज के एक वर्ग का भला करने में लगे रहते थे. 

भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव को सौंपकर अग्निहोत्री की जांच की मांग की है. आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर व्हाट्सएप और सामाजिक संस्थाओं के जरिए जाति आधारित नेटवर्क तैयार किया, जो प्रशासनिक मर्यादाओं का उल्लंघन है. 

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गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार पर सवर्ण विरोधी होने और शंकराचार्य के शिष्यों की पिटाई का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा था. हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन ने उन्हें बरेली से हटाकर सकुशल लखनऊ पहुंचाया. भीम आर्मी का कहना है कि अग्निहोत्री की कार्यकाल के दौरान की गतिविधियों की सूक्ष्म जांच होनी चाहिए.

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