उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर रवि काना की रिहाई पर विवाद के बाद बांदा के जेलर विक्रम सिंह यादव को सस्पेंड कर दिया गया है. जेल अधीक्षक की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद डीजी जेल ने ये एक्शन लिया है. अब विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
गैंगस्टर रवि काना की रिहाई के मामले की जांच डीआईजी, जेल प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव को सौंपी गई है. शुरुआती जांच में रिहाई प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं.
2024 से जेल में बंद था रवि काना
बता दें कि गैंगस्टर रविंद्र सिंह उर्फ रविंद्र रवि नागर उर्फ रवि काना 24 अगस्त 2024 से बांदा जेल में बंद था. बीते सप्ताह नोएडा पुलिस ने रवि काना पर एक एफआईआर दर्ज की थी. जिसमें उसका वारंट बांदा जेल को भेजा गया था.
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कोर्ट ने 6 दिनों में मांगी रिपोर्ट
29 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रवि काना की बांदा जेल से कोर्ट में पेशी हुई. लेकिन 29 जनवरी की शाम को ही बांदा जेल से रवि काना को रिहा कर दिया गया. इसी मामले में डीजी जेल ने जेलर विक्रम सिंह यादव को सस्पेंड किया है. इस मामले में कोर्ट ने जेल अधीक्षक से 6 दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी है.
संतोष शर्मा