10 दिन, 2 लाशें और कातिल फरार...बागपत से सहारनपुर तक इस खूनी खेल के पीछे कौन? विक्रांत और राखी की मर्डर मिस्ट्री

बागपत के डूडा विभाग में तैनात अफसर विक्रांत कुमार और उनकी परिचित राखी कश्यप की सहारनपुर में हत्या कर दी गई. 16 अप्रैल को लापता हुए विक्रांत का शव 17 अप्रैल को मिला, जिसके 10 दिन बाद राखी की लाश भी बरामद हुई. पुलिस अब इस डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.

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विक्रांत और राखी के 'कातिल' की तलाश में पुलिस (Photo- Screengrab) विक्रांत और राखी के 'कातिल' की तलाश में पुलिस (Photo- Screengrab)

aajtak.in

  • बागपत/सहारनपुर,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:19 AM IST

Uttar Pradesh News: बागपत डूडा विभाग के सिटी मिशन मैनेजर विक्रांत कुमार 16 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए, जिनका शव अगले ही दिन सहारनपुर के बड़गांव में बरामद हुआ. विक्रांत की पत्नी प्राची ने राखी कश्यप नामक युवती पर अपहरण और प्रताड़ना का आरोप लगाया था. पुलिस ने 23 अप्रैल को राखी से पूछताछ की, लेकिन 27 अप्रैल को सहारनपुर के मिर्जापुर के जंगलों में राखी का भी गला रेता हुआ शव मिलने से हड़कंप मच गया. आशंका जताई जा रही है कि पहले विक्रांत की हत्या हुई, फिर राखी मुंह न खोल दे इसलिए उसे भी मार दिया गया. हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है. जल्द खुलासा होने की उम्मीद है. 

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पत्नी के आरोपों के बीच मिली अफसर की लाश

प्रयागराज निवासी 37 वर्षीय विक्रांत कुमार बागपत में डूडा विभाग में तैनात थे. उनके अचानक लापता होने के बाद उनकी पत्नी प्राची ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई. प्राची ने सीधे तौर पर राखी कश्यप पर विक्रांत को परेशान करने और गायब करने का आरोप लगाया था. पुलिस अभी विक्रांत की मौत के कारणों की जांच कर ही रही थी कि मामले में नया मोड़ आ गया.

पूछताछ के चार दिन बाद युवती का कत्ल

विक्रांत की मौत के मामले में शक के घेरे में आई राखी कश्यप के आवास पर बागपत पुलिस 23 अप्रैल को पहुंची थी. पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की, लेकिन तब कोई ठोस सुराग नहीं मिला. हैरानी की बात यह है कि जिस युवती पर पुलिस की नजर होनी चाहिए थी, वह रहस्यमयी तरीके से सहारनपुर पहुंच गई, जहां 27 अप्रैल को रजापुर नौगांव के जंगल में उसकी लाश मिली.

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किराये का कमरा और रिश्तों का राज

जांच में सामने आया है कि विक्रांत और राखी के बीच लंबे समय से संबंध थे और विक्रांत ने बागपत में उसके लिए एक कमरा भी किराये पर लिया था. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आखिर दोनों का सहारनपुर से क्या कनेक्शन था. क्या कोई तीसरा शख्स उन्हें साजिश के तहत वहां लेकर गया? राखी की असली पहचान और मूल निवास का पता न चलना केस को और पेचीदा बना रहा है.

डबल मर्डर की थ्योरी और पुलिस की जांच

पुलिस इस पूरे मामले को डबल मर्डर के एंगल से देख रही है. पुलिस की कई टीमें अब कॉल डिटेल, लोकेशन और डूडा विभाग के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि यह पता चल सके कि बागपत से सहारनपुर तक के इस खूनी खेल के पीछे कौन है.

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इनपुट- मनुदेव उपाध्याय

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