बागपत: व्यापारी बाप-बेटे का कत्ल कर भाग रहे हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी का 'मॉब लिंचिंग' में अंत, घेरकर पीटा-गोली मारी

उत्तर प्रदेश के बागपत में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस चौकी के पास टेंट व्यवसायी पिता-पुत्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद भाग रहे मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर को गुस्साई भीड़ ने घेरकर पीटा और गोली मार दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई.

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हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की 'मॉब लिंचिंग' में मौत (Photo- ITG) हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की 'मॉब लिंचिंग' में मौत (Photo- ITG)

मनुदेव उपाध्याय

  • बागपत ,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:01 PM IST

बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 6 बजे एनएच-709बी पर स्थित बस स्टैंड पुलिस चौकी के पास दो हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की. इस हमले में दुकान पर बैठे टेंट व्यवसायी सोहनलाल अग्रवाल और उन्हें बचाने दौड़े उनके बेटे विकास अग्रवाल की निर्मम हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देकर भाग रहे मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी को गुस्साई भीड़ ने मौके पर ही घेर लिया. लोगों ने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया और इसी बीच एक शख्स ने उसे गोली मार दी, जिससे इलाज के दौरान अस्पताल में वरुण की मौत हो गई.

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पुलिस चौकी के पास सरेआम खूनी तांडव

बड़ौत कस्बा उस वक्त दहल उठा जब पुलिस चौकी और तहसील से चंद कदम की दूरी पर इस डबल मर्डर को अंजाम दिया गया. सोहनलाल अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने अपने साथी के साथ मिलकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. पिता को लहूलुहान देख बचाने दौड़े बेटे विकास को भी बदमाशों ने गोलियों से भून डाला. इस भीषण गोलीबारी की चपेट में आने से वहां से गुजर रहा एक राहगीर रोहित भी गंभीर रूप से घायल हो गया.

आरोपी को भीड़ ने घेरा, वीडियो हुआ वायरल

बाप-बेटे की हत्या कर फरार हो रहे हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी का एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि वारदात से भड़की गुस्साई भीड़ ने आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया. भीड़ उसे लाठी-डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीट रही है. इसी दौरान भीड़ में शामिल एक शख्स ने वरुण पर करीब से गोली चला दी.

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अस्पताल में हुई मुख्य आरोपी की मौत

घटनास्थल पर मचे इस भारी बवाल के बाद पुलिस ने घायल हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी को तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन गंभीर चोटों और गोली लगने के कारण इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई. इस तरह इस पूरी वारदात में अब तक कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.

व्यापारियों का फूटा गुस्सा, बाजार रहा बंद

इस वारदात से आक्रोशित स्थानीय व्यापारियों और परिजनों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जाम कर दिया और शवों को उठाने से साफ इनकार कर दिया. परिजनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए बचे हुए आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की है. घटना के विरोध में आज सुबह से ही क्षेत्र के बाजार और दुकानें पूरी तरह बंद हैं. हालांकि, बाद में भारी पुलिस बल ने नाराज लोगों को समझा-बुझाकर हाईवे से जाम खुलवाया.

10 साल पुरानी रंजिश और पुलिसिया कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलते ही एडीजी मेरठ भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसपी सूरज राय समेत भारी पुलिस बल ने मौके का मुआयना किया. एसपी बागपत के मुताबिक, प्राथमिक जांच में इस खूनी संघर्ष की वजह दोनों पक्षों के बीच करीब 10 वर्ष पुराना मुकदमेबाजी का विवाद सामने आया है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए कुल 10 टीमें गठित की गई हैं.

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